Rasulullah Shallallahu 'alaihi wasallam tidak pernah meninggalkan dua rakaat setelah ashar
Imam Abu Dawud : 1088حَدَّثَنَا عُبَيْدُ اللَّهِ بْنُ سَعْدٍ حَدَّثَنَا عَمِّي حَدَّثَنَا أَبِي عَنْ ابْنِ إِسْحَقَ عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ عَمْرِو بْنِ عَطَاءٍ عَنْ ذَكْوَانَ مَوْلَى عَائِشَةَ أَنَّهَا حَدَّثَتْهُأَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ كَانَ يُصَلِّي بَعْدَ الْعَصْرِ وَيَنْهَى عَنْهَا وَيُوَاصِلُ وَيَنْهَى عَنْ الْوِصَالِ
हमनी के बतवले बाड़े ['उबैदुल्लाह बिन स'द] हमनी के बतवले बाड़े [हमार चाचा] हमनी के [हमार पिता] से [इब्न इशाक] से [मुहम्मद बिन अमरू बिन अथा`] से [जकवान] ऐसिया के पूर्व गुलाम से बतवले बाड़े कि [ऐस्याह] एक बेर उनुका से कहले रहले कि रसुलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम एक बेर नमाज -सुन्नत- अस्र के बाद, तब उ एकरा के मना क देले, अवुरी एक बेर -रोजा- इच्छा -निरंतर रोजा-, तब उ एकरा के मना क देले'।