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ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)



Imam Bukhari : 112

حَدَّثَنَا صَدَقَةُ أَخْبَرَنَا ابْنُ عُيَيْنَةَ عَنْ مَعْمَرٍ عَنْ الزُّهْرِيِّ عَنْ هِنْدٍ عَنْ أُمِّ سَلَمَةَ وَعَمْرٍو وَيَحْيَى بْنِ سَعِيدٍ عَنْ الزُّهْرِيِّ عَنْ هِنْدٍ عَنْ أُمِّ سَلَمَةَ قَالَتْاسْتَيْقَظَ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ ذَاتَ لَيْلَةٍ فَقَالَ سُبْحَانَ اللَّهِ مَاذَا أُنْزِلَ اللَّيْلَةَ مِنْ الْفِتَنِ وَمَاذَا فُتِحَ مِنْ الْخَزَائِنِ أَيْقِظُوا صَوَاحِبَاتِ الْحُجَرِ فَرُبَّ كَاسِيَةٍ فِي الدُّنْيَا عَارِيَةٍ فِي الْآخِرَةِ

हमसे कहिस है [शदाका] हमसे [इब्न उयैना] से [ममर] से [अज जुहरी] से [हिन्द] से [उम्मू सलामा] अऊर [अमरू] से कहिस है। अऊर [यह्या बिन सैद] से [अज जुहरी] से [हिंद] से [उम्मू सलामा] कहिन, 'एक रात पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम जाग गए अऊर कहिन: 'सुभानल्लाह - अल्लाह के महिमा -, आज रात का बदनामी बताई गै? औ दूनौ खजान -रामवि औ फारसी- का का खुला? जागो, ओ लोग जे दीवारन -कमरा- के पीछे हैं, काहे से कि केतना लोग ई दुनिया मा अल्लाह के आशीर्वाद का आनंद लेत रहत हैं लेकिन परलोक मा नंगा होइहैं -कोई भलाई नाहीं मिलत-'।