Doa dalam tahiyyat - 2: ALLAAHUMMA INNII A'UUDZU BIKA MIN 'ADZAABIL QABRI …
Imam Abu Dawud : 834
حَدَّثَنَا وَهْبُ بْنُ بَقِيَّةَ أَخْبَرَنَا عُمَرُ بْنُ يُونُسَ الْيَمَامِيُّ حَدَّثَنِي مُحَمَّدُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ طَاوُسٍ عَنْ أَبِيهِ عَنْ طَاوُسٍ عَنْ ابْنِ عَبَّاسٍعَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَنَّهُ كَانَ يَقُولُ بَعْدَ التَّشَهُّدِ اللَّهُمَّ إِنِّي أَعُوذُ بِكَ مِنْ عَذَابِ جَهَنَّمَ وَأَعُوذُ بِكَ مِنْ عَذَابِ الْقَبْرِ وَأَعُوذُ بِكَ مِنْ فِتْنَةِ الدَّجَّالِ وَأَعُوذُ بِكَ مِنْ فِتْنَةِ الْمَحْيَا وَالْمَمَاتِ
हमसे कहिन है [वहब बिन बकिया] हमसे कहिन है [उमर बिन यूनुस अल यामामी] ने हमसे [मुहम्मद बिन अब्दुल्लाह बिन थावस] से [अपने पिता] से [थावस] से [इब्न अब्बास] से पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से कहा है कि तस्यहुद के बाद उ अक्सर नमाज पढ़त रहें; 'अल्लाहुम्मा इन्नी अ'उदज़ू बीका मिन 'अद्जाबी जहाँनम व अ'उदज़ू बीका मिन 'अद्ज़बिल कबरी वा अ'उदज़ू बीका मिन फिटनातिद दज्जल वा अ'उदज़ू बीका मिन फिटनातिल मह्या वाल मामती -हे अल्लाह, मैं तोहरे शरण लेत हउँ जनाम के नरक के यातना से, कब्र के निंदा से, अऊर दज्जल, जीवन-मरण का निंदा औ बदनामी'।
Hadith Corroboration :
Imam Ahmad : 2060, 2226, 2574, 2642, 2695, 7531, 7623, 8989, 9018, 9101, 9478, 9658, 9690, 9791, 9859, 10350
Imam Bukhari : 1288
Imam Muslim : 924, 926, 927, 928, 929, 930
Imam Abu Dawud : 834, 1318
Imam Tirmidzi : 3416
Imam Nasa'i : 2033, 2036, 5410, 5411, 5413, 5414, 5415, 5416, 5417, 5418, 5419, 5420, 5421, 5422, 5423, 5424, 5425
Imam Ibnu Majah : 3830
Imam Malik : 450