Menggendong anak kecil: Rasulullah pernah shalat dengan menggendong umamah, putri beliau
इमाम अबू दाऊद : 782
حَدَّثَنَا الْقَعْنَبِيُّ حَدَّثَنَا مَالِكٌ عَنْ عَامِرِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ الزُّبَيْرِ عَنْ عَمْرِو بْنِ سُلَيْمٍ عَنْ أَبِي قَتَادَةَأَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ كَانَ يُصَلِّي وَهُوَ حَامِلٌ أُمَامَةَ بِنْتَ زَيْنَبَ بِنْتِ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَإِذَا سَجَدَ وَضَعَهَا وَإِذَا قَامَ حَمَلَهَا
हमें बताया गया है [अल का'नबी] ने हमें [मलिक] ['अमीर बिन अब्दुल्लाह बिन अज़ ज़ुबैर] से ['अमरू बिन सुलैम] से [अबू क़तादा] से बताया है कि रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने उमामा बिन्त ज़ैनब बिन्त रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम को उठाते हुए नमाज़ पढ़ी, जब उन्होंने सजदा किया, तो उन्होंने उमामा को रखा, और जब वह खड़े हुए तो उन्होंने उसे उठा लिया।