Imam Abu Dawud : 80
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ بَشَّارٍ حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّحْمَنِ حَدَّثَنَا أَبُو خَلْدَةَ قَالَ سَأَلْتُ أَبَا الْعَالِيَةِعَنْ رَجُلٍ أَصَابَتْهُ جَنَابَةٌ وَلَيْسَ عِنْدَهُ مَاءٌ وَعِنْدَهُ نَبِيذٌ أَيَغْتَسِلُ بِهِ قَالَ لَا
हमसे कहिन [मुहम्मद बिन बश्यार] हमसे कहिन हैं [अब्दुर्रहमान] हमसे कहिन हैं [अबू खल्दाह] उ कहिन; हम एक बार [अबू अल 'अलिया] से एक अइसन मनई के बारे मा पूछेन जे जुनब का अनुभव किहिन अऊर जब तक ओनके पास रस रहा तब तक ओका पानी नाहीं मिला, का उ रस से जनाबाह का नहा सकत है?' उ जवाब दिहिन; 'नै!'