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ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)



Imam Abu Dawud : 35

حَدَّثَنَا حَيْوَةُ بْنُ شُرَيْحٍ الْحِمْصِيُّ حَدَّثَنَا ابْنُ عَيَّاشٍ عَنْ يَحْيَى بْنِ أَبِي عَمْرٍو السَّيْبَانِيِّ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ الدَّيْلَمِيِّ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ مَسْعُودٍ قَالَقَدِمَ وَفْدُ الْجِنِّ عَلَى رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَقَالُوا يَا مُحَمَّدُ انْهَ أُمَّتَكَ أَنْ يَسْتَنْجُوا بِعَظْمٍ أَوْ رَوْثَةٍ أَوْ حُمَمَةٍ فَإِنَّ اللَّهَ تَعَالَى جَعَلَ لَنَا فِيهَا رِزْقًا قَالَ فَنَهَى رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ عَنْ ذَلِكَ

हमसे कहिन है [हैवाह बिन सुरैह अल हिमशी] हमसे [इब्नू 'अय्यासी] [यह्या बिन अबू अमरू अस सैबानी] से [अब्दुल्लाह बिन अद दैलामी] से [अब्दुल्लाह बिन मसूद] कहिन हैं; जिन्न से रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के पास एक दूत आया, कह रहा था; 'हे मुहम्मद, अपने लोगन का हड्डी, या जानवरन के गोबर या कोयला से नमाज पढ़ै से मना करा, काहे से कि वाकई अल्लाह ताआला ने इन चीजन मा हमार रोजी-रोटी बनाई है!' तौ रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम अपने लोगन का अइसन करै से मना किहिन।