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ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)



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Imam Bukhari : 89

حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ مُحَمَّدٍ قَالَ حَدَّثَنَا عَبْدُ الْمَلِكِ بْنُ عَمْرٍو الْعَقَدِيُّ قَالَ حَدَّثَنَا سُلَيْمَانُ بْنُ بِلَالٍ الْمَدِينِيُّ عَنْ رَبِيعَةَ بْنِ أَبِي عَبْدِ الرَّحْمَنِ عَنْ يَزِيدَ مَوْلَى الْمُنْبَعِثِ عَنْ زَيْدِ بْنِ خَالِدٍ الْجُهَنِيِّأَنَّ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ سَأَلَهُ رَجُلٌ عَنْ اللُّقَطَةِ فَقَالَ اعْرِفْ وِكَاءَهَا أَوْ قَالَ وِعَاءَهَا وَعِفَاصَهَا ثُمَّ عَرِّفْهَا سَنَةً ثُمَّ اسْتَمْتِعْ بِهَا فَإِنْ جَاءَ رَبُّهَا فَأَدِّهَا إِلَيْهِ قَالَ فَضَالَّةُ الْإِبِلِ فَغَضِبَ حَتَّى احْمَرَّتْ وَجْنَتَاهُ أَوْ قَالَ احْمَرَّ وَجْهُهُ فَقَالَ وَمَا لَكَ وَلَهَا مَعَهَا سِقَاؤُهَا وَحِذَاؤُهَا تَرِدُ الْمَاءَ وَتَرْعَى الشَّجَرَ فَذَرْهَا حَتَّى يَلْقَاهَا رَبُّهَا قَالَ فَضَالَّةُ الْغَنَمِ قَالَ لَكَ أَوْ لِأَخِيكَ أَوْ لِلذِّئْبِ

हमसे कहिन [अब्दुल्ला बिन मुहम्मद] कहिन, हमसे कहिन [अब्दुल मलिक बिन अमरू अल अकादी] कहिन, हमसे [सुलेमान बिन बिलाल अल मदीनी] [रबीअह बिन अबू अब्दुर्रहमान] से [यजीद] अल मुनबैत के एक पूर्व गुलाम से, [जैद बिन खलीद जुफेल जुल्लाहुल्लाह अलैह] से कहिन कि वसल्लम से केहू द्वारा पाए गए वस्तुअन के बारे मा पूछा गा रहा, तब पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कहिन: 'रस्सी का जानौ, या उ कहिन; बैग अऊर ढक्कन, फिर एक साल के लिए घोषणा करा, वहिके बाद एकर उपयोग करा। अगर मालिक आवै तौ ओका दइ दे'। आदमी ने पूछा : 'ऊँट पावै वाले मनई का का होई?' तौ पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम तब तक नाराज होइ गें जब तक कि उनकर चेहरा लाल न होइ गवा, फिर कहिन: 'तुमका ऊ ऊँट से का काम है, जब ऊ हमेशा अपने पेट मा पानी रखत है, जूता पहिन के रहत है ताकि ऊ आगे पीछे कुछ पीये अऊर घास खाए के तलाश मा जा सकै, तौ ओका तब तक अकेले छोड़ द जब तक कि ओकर मालिक ओका ले जाय न आवै'। ऊ आदमी फिर से बकरी खोजे के बारे मा पूछिस, तौ ऊ जवाब दिहिस: 'वह तोहरे या तोहरे भाई या भेड़िया के लिए है'।

Hadith Corroboration :

Imam Ahmad : 16431, 20697
Imam Bukhari : 89, 2199, 2249, 2250, 2251, 2256, 2258, 5647
Imam Muslim : 3247, 3248, 3249, 3250
Imam Abu Dawud : 1451, 1452
Imam Tirmidzi : 1293, 1294
Imam Ibnu Majah : 2498
Imam Malik : 1248