प्रतिनिधि हदीस
इमाम बुखारी : 1747
حَدَّثَنَا إِسْمَاعِيلُ قَالَ حَدَّثَنِي مَالِكٌ عَنْ نُعَيْمِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ الْمُجْمِرِ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ قَالَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ عَلَى أَنْقَابِ الْمَدِينَةِ مَلَائِكَةٌ لَا يَدْخُلُهَا الطَّاعُونُ وَلَا الدَّجَّالُ
हमें बताया है [इस्माईल] ने कहा, मुझे बताया है [मलिक] [नु'एम बिन 'अब्दुल्ला अल मुजमीर] से [अबू हुरैरा रदियल्लाहु अन्हु] ने कहा; रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा: "मदीना शहर के गेट पर फ़रिश्ते हैं (जो इसकी रक्षा करते हैं) ताकि प्लेग और मसीहा-दज्जाल इसमें प्रवेश न कर सकें।"