प्रतिनिधि हदीस
इमाम बुखारी : 5299
حَدَّثَنَا إِسْحَاقُ بْنُ نَصْرٍ حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّزَّاقِ عَنْ مَعْمَرٍ عَنْ هَمَّامٍ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُعَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ الْعَيْنُ حَقٌّ وَنَهَى عَنْ الْوَشْمِ
हमें बताया गया है कि [इस्हाक बिन नश्र] ने हमें [अब्दुर्रज्जाक] ने [मामार] से [हम्माम] से [अबू हुरैरा] रदियल्लाहु अन्हु से पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से बताया है कि उन्होंने कहा: "ऐन की बीमारी (जो ईर्ष्यालु आँखों की चमक के कारण होती है) हक (सच्ची) है।" और उन्होंने टैटू को मना किया।