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इस्लाम अल-हक़: क़ुरआन और हदीस
(सच्चा इस्लाम)



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हदीस खोज परिणाम :
कुल हदीस : 1
प्रतिनिधि हदीस
इमाम बुखारी : 5776

حَدَّثَنَا عَلِيُّ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ حَدَّثَنَا يَزِيدُ بْنُ خُصَيْفَةَ عَنْ بُسْرِ بْنِ سَعِيدٍ عَنْ أَبِي سَعِيدٍ الْخُدْرِيِّ قَالَكُنْتُ فِي مَجْلِسٍ مِنْ مَجَالِسِ الْأَنْصَارِ إِذْ جَاءَ أَبُو مُوسَى كَأَنَّهُ مَذْعُورٌ فَقَالَ اسْتَأْذَنْتُ عَلَى عُمَرَ ثَلَاثًا فَلَمْ يُؤْذَنْ لِي فَرَجَعْتُ فَقَالَ مَا مَنَعَكَ قُلْتُ اسْتَأْذَنْتُ ثَلَاثًا فَلَمْ يُؤْذَنْ لِي فَرَجَعْتُ وَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِذَا اسْتَأْذَنَ أَحَدُكُمْ ثَلَاثًا فَلَمْ يُؤْذَنْ لَهُ فَلْيَرْجِعْ فَقَالَ وَاللَّهِ لَتُقِيمَنَّ عَلَيْهِ بِبَيِّنَةٍ أَمِنْكُمْ أَحَدٌ سَمِعَهُ مِنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَقَالَ أُبَيُّ بْنُ كَعْبٍ وَاللَّهِ لَا يَقُومُ مَعَكَ إِلَّا أَصْغَرُ الْقَوْمِ فَكُنْتُ أَصْغَرَ الْقَوْمِ فَقُمْتُ مَعَهُ فَأَخْبَرْتُ عُمَرَ أَنَّ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ ذَلِكَوَقَالَ ابْنُ الْمُبَارَكِ أَخْبَرَنِي ابْنُ عُيَيْنَةَ حَدَّثَنِي يَزِيدُ بْنُ خُصَيْفَةَ عَنْ بُسْرِ بْنِ سَعِيدٍ سَمِعْتُ أَبَا سَعِيدٍ بِهَذَا

हमें बताया है [अली बिन अब्दुल्लाह] ने हमें बताया है [सुफियान] ने हमें बताया है [यज़ीद बिन खुशैफा] [बुसर बिन सईद] से [अबू सईद अल खुदरी] से उन्होंने कहा; "मैं एक बार अंसार लोगों की एक परिषद में था, अचानक [अबू मूसा] घबरा गए, फिर उन्होंने कहा: "मैं उमर से तीन बार अनुमति मांग रहा था, लेकिन उन्होंने मुझे अनुमति नहीं दी, इसलिए मैं घर जाना चाहता था, फिर उमर ने पूछा; "तुम घर वापस क्यों जाना चाहते हो?" मैंने उत्तर दिया; "मैंने तीन बार इजाज़त मांगी, लेकिन मुझे इजाज़त नहीं मिली, इसलिए मैं घर जाना चाहता था, क्योंकि रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा: "अगर तुम में से कोई इजाज़त मांगे, लेकिन उसे इजाज़त न मिले, तो उसे घर लौट जाना चाहिए।" तो उमर ने कहा: "अल्लाह की कसम, तुम मुझे साफ़ सबूत दो," (अबू मूसा ने कहा) "क्या तुम में से किसी ने कभी पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से यह सुना है?" तब उबै बिन कअब बोले; "अल्लाह की कसम, तुम्हारे साथ कोई नहीं होगा सिवाय उनमें सबसे छोटे के, जबकि मैं सबसे छोटा हूँ। फिर मैं उनके साथ उमर के पास गया, और मैंने उमर को यह भी बताया कि पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने ऐसा कहा है।" और [इब्न मुबारक] ने कहा; मुझे [इब्न उयैना] ने बताया है, मुझे [यज़ीद बिन ख़ुशैफ़ा] ने [बुसर बिन सईद] से बताया है, मैंने [अबू सईद] को ऐसा सुना है।

समर्थक हदीस :

इमाम अहमद : 10605, 10718, 18689, 18786, 18846, 18915
इमाम बुखारी : 5776
इमाम मुस्लिम : 4006, 4007, 4008, 4009, 4010
इमाम अबू दाऊद : 4509
इमाम तिर्मिदज़ी : 2614
इमाम मलिक : 1520