हदीस
Barangsiapa meminta izin masuk tiga kali dan tidak diizinkan, hendaklah ia pulang
Imam Abu Dawud : 4509حَدَّثَنَا أَحْمَدُ بْنُ عَبْدَةَ أَخْبَرَنَا سُفْيَانُ عَنْ يَزِيدَ بْنِ خُصَيْفَةَ عَنْ بُسْرِ بْنِ سَعِيدٍ عَنْ أَبِي سَعِيدٍ الْخُدْرِيِّ قَالَكُنْتُ جَالِسًا فِي مَجْلِسٍ مِنْ مَجَالِسِ الْأَنْصَارِ فَجَاءَ أَبُو مُوسَى فَزِعًا فَقُلْنَا لَهُ مَا أَفْزَعَكَ قَالَ أَمَرَنِي عُمَرُ أَنْ آتِيَهُ فَأَتَيْتُهُ فَاسْتَأْذَنْتُ ثَلَاثًا فَلَمْ يُؤْذَنْ لِي فَرَجَعْتُ فَقَالَ مَا مَنَعَكَ أَنْ تَأْتِيَنِي قُلْتُ قَدْ جِئْتُ فَاسْتَأْذَنْتُ ثَلَاثًا فَلَمْ يُؤْذَنْ لِي وَقَدْ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِذَا اسْتَأْذَنَ أَحَدُكُمْ ثَلَاثًا فَلَمْ يُؤْذَنْ لَهُ فَلْيَرْجِعْ قَالَ لَتَأْتِيَنَّ عَلَى هَذَا بِالْبَيِّنَةِ فَقَالَ أَبُو سَعِيدٍ لَا يَقُومُ مَعَكَ إِلَّا أَصْغَرُ الْقَوْمِ قَالَ فَقَامَ أَبُو سَعِيدٍ مَعَهُ فَشَهِدَ لَهُ
हमनी के बतवले बाड़े [अहमद बिन अब्दाह] कहले बाड़े, बता देले बाड़े [सुफयान] से [यजीद बिन खुशाइफा] से [बुसर बिन सईद] से [अबू सईद अल खुदरी] से उ कहले बाड़े कि, 'एक बेर हम अंसार के कवनो सभा में बईठल रहनी, फेर अचानक [अबू मूसा] डेराइल चेहरा लेके अईले।' हम तब उनुका से पूछनी कि 'तोहरा के का डेरावेला?' उ जवाब देले कि उमर हमरा से मिले के आदेश देले रहले, जब हम तीन बेर अनुमति मंगले रहनी त उ हमरा के अनुमति ना देले। त हम वापस घरे चल गईनी'। उमर तब हमरा से पूछले कि हमरा लगे आवे से का रोकत बा? हम जवाब देनी कि हम तीन बेर आके अनुमति मंगले बानी, लेकिन कवनो जवाब ना मिलल, भले ही अल्लाह के रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कहले बाड़े कि, 'अगर रउआ में से केहु तीन बेर अनुमति मंगले, अवुरी अनुमति ना मिलल, त ओकरा वापस आवे के चाही'। उमर कहले कि, 'तू जवन कहतानी ओकर सबूत जरूर लेके आईल'। अबू सईद कहले कि, सबसे छोट आदमी के छोड़ के केहु आपके संगे ना जाई। तब अबू सईद गवाह बने खातिर उनुका संगे चल गईले।