Hadith Representative
Al Mu'akhkhir
Imam Ahmad : 7572حَدَّثَنَا يَزِيدُ أَخْبَرَنَا الْمَسْعُودِيُّ عَنْ عَلْقَمَةَ بْنِ مَرْثَدٍ عَنْ أَبِي الرَّبِيعِ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ قَالَ كَانَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَقُولُ اللَّهُمَّ اغْفِرْ لِي مَا قَدَّمْتُ وَمَا أَخَّرْتُ وَمَا أَسْرَرْتُ وَمَا أَعْلَنْتُ وَإِسْرَافِي وَمَا أَنْتَ أَعْلَمُ بِهِ مِنِّي أَنْتَ الْمُقَدِّمُ وَأَنْتَ الْمُؤَخِّرُ لَا إِلَهَ إِلَّا أَنْتَ
हमरा सब के कहलक अछि [यजीद] हमरा सब के [अल मसूदी] स ['अलकोमाह बिन मर्तसाद] स [अबू अर रबी'] स [अबू हुरैराह] स कहलक अछि; रसुलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम एक बेर एकटा दुआ कहने छलाह : 'अल्लाहुम्मा इघफिर ली माँ कोद्दामतु वा माँ अखखोर्तु वा माँ अस्रोर्तू वा माँ अ'लंतु वा इसरूफी वा माँ अनता अ'लामू बिहि मिन्नी, अंता अल मुकुद्दीमु वा अंता अल मुकखिरू -हे अल्लाह, माफ करू हमर भूतकाल के पाप आ हमर भविष्य के पाप अबैत अछि, आ नुकायल पाप के संग संग दृश्यमान पाप के सेहो क्षमा क दैत छी आ हमर अति के क्षमा क दैत छी, आ ई अहाँ नै छी मुदा ओकरा बारे में हमरा स बेसी के जनैत छी, अहाँ प्रस्ताव दैत छी आ अंत तक पहुंचाबय वाला छी, अहाँ के छोड़ि कोनो भगवान नै छथि जिनकर पूजा करय पड़त'।