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इस्लाम अल-हक: कुरआन आ हदीस
(सच्चा इस्लाम)



- Allah Asma’ul husnaa Al 'Adl

हदीस :
हदीस : 1
हदीस
Al 'Adl
Imam Tirmidzi : 2550

حَدَّثَنَا أَبُو عُبَيْدَةَ بْنُ أَبِي السَّفَرِ وَاسْمُهُ أَحْمَدُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ الْهَمْدَانِيُّ الْكُوفِيُّ قَالَ حَدَّثَنَا حَجَّاجُ بْنُ مُحَمَّدٍ عَنْ يُونُسَ بْنِ أَبِي إِسْحَقَ عَنْ أَبِي إِسْحَقَ الْهَمْدَانِيِّ عَنْ أَبِي جُحَيْفَةَ عَنْ عَلِيٍّعَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ مَنْ أَصَابَ حَدًّا فَعُجِّلَ عُقُوبَتَهُ فِي الدُّنْيَا فَاللَّهُ أَعْدَلُ مِنْ أَنْ يُثَنِّيَ عَلَى عَبْدِهِ الْعُقُوبَةَ فِي الْآخِرَةِ وَمَنْ أَصَابَ حَدًّا فَسَتَرَهُ اللَّهُ عَلَيْهِ وَعَفَا عَنْهُ فَاللَّهُ أَكْرَمُ مِنْ أَنْ يَعُودَ إِلَى شَيْءٍ قَدْ عَفَا عَنْهُقَالَ أَبُو عِيسَى وَهَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ غَرِيبٌ وَهَذَا قَوْلُ أَهْلِ الْعِلْمِ لَا نَعْلَمُ أَحَدًا كَفَّرَ أَحَدًا بِالزِّنَا أَوْ السَّرِقَةِ وَشُرْبِ الْخَمْرِ

हमनी के बतवले बाड़े [अबू उबैदा बिन अबू अस सफर], उनुकर नाम अहमद बिन अब्दुल्लाह अल हमदानी अल कुफी ह, उ कहले कि, हमनी के [हज्जाज बिन मुहम्मद] के [यूनुस बिन अबू इशक] से [अबू इशाक अल हमदानी] से [अबू जुहैफाह] से [अली] से नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से बतवले बाड़े, उ कहले बाड़े: 'केहू हद के नियम के अधीन बा तब दुनिया में सजा जल्दी हो जाला, तब अल्लाह अपना सेवकन के परलोक में दु बेर आपन सजा दोहरावे से अधिका न्यायसंगत बाड़े, अवुरी जेकरा के हद के कानून से प्रभावित होखेला अवुरी ओकरा बाद अल्लाह ओकरा के ढंक के ओकरा के माफ क देले, त अल्लाह कवनो अयीसन चीज़ के दोहरावे से जादे उदात्त बाड़े, जवना के उ पहिलही माफ क देले बाड़े'। अबू ईसा कहले कि; 'आ इ हदीस हसन घरीब ह, अवुरी इ विज्ञान के विशेषज्ञ के राय बा कि हमनी के अयीसन केहु के नईखी जानत जवन कि व्यभिचार चाहे चोरी चाहे शराब पीये के चलते केहु के काफर क देवे।'

हदीस :

Imam Ahmad : 736, 1295, 2339
Imam Tirmidzi : 2550
Imam Ibnu Majah : 2594