Hadith Representative
Al Ghaffar
Imam Nasa'i : 1285أَخْبَرَنَا قُتَيْبَةُ بْنُ سَعِيدٍ قَالَ حَدَّثَنَا اللَّيْثُ عَنْ يَزِيدَ بْنِ أَبِي حَبِيبٍ عَنْ أَبِي الْخَيْرِ عَنْ عبْدِ اللَّهِ بْنِ عَمْرٍو عَنْ أَبِي بَكْرٍ الصِّدِّيقِ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُمَاأَنَّهُ قَالَ لِرَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ عَلِّمْنِي دُعَاءً أَدْعُو بِهِ فِي صَلَاتِي قَالَ قُلْ اللَّهُمَّ إِنِّي ظَلَمْتُ نَفْسِي ظُلْمًا كَثِيرًا وَلَا يَغْفِرُ الذُّنُوبَ إِلَّا أَنْتَ فَاغْفِرْ لِي مَغْفِرَةً مِنْ عِنْدِكَ وَارْحَمْنِي إِنَّكَ أَنْتَ الْغَفُورُ الرَّحِيمُ
हमरा सभ [कुतैबा बिन सईद] केँ सूचित कए ओ कहलनि; हमरा सब के [अल लैतस] के [यजीद बिन अबू हबीब] स [अबुल खैर] स [अब्दुल्लाह बिन अमर] स [अबू बकर अश सिद्दिक] रदलियाल्लाहु अनहु स कहने छथि जे ओ एक बेर रसुलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वस्लाम स कहने छलाह; 'हमरा एकटा एहन प्रार्थना सिखाउ जे हम अपन प्रार्थना मे कहि सकब'। ओ सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कहलनि जे, कहू हे अल्लाह, हम अपना पर बहुत पैघ बुराई केलहुं अछि, आ अहाँक सिवाय हमर पाप के कियो नहि माफ करैत अछि, अहाँ स माफी के संग हमरा माफ करू, आ हमरा पर दया करू। सचमुच, अहाँ क्षमाशील, परम दयालु छी।'
Hadith Corroboration :
Imam Ahmad : 8, 28, 46, 3452, 3500, 3527, 3535, 3558, 3780, 3955, 6370, 8040, 9301, 15443, 20734, 21259, 22068, 23181, 24215, 24230, 24322, 24330, 25018, 25121, 26288, 26314, 26324, 26331
Imam Bukhari : 790, 5851, 6839
Imam Muslim : 4876
Imam Tirmidzi : 3454
Imam Nasa'i : 1285
Imam Ibnu Majah : 3825