Hadith Representative
Al Jabbar
Imam Tirmidzi : 2347حَدَّثَنَا مَحْمُودُ بْنُ غَيْلَانَ حَدَّثَنَا أَبُو أَحْمَدَ الزُّبَيْرِيُّ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ عَنْ الْمُغِيرَةِ بْنِ النُّعْمَانِ عَنْ سَعِيدِ بْنِ جُبَيْرٍ عَنْ ابْنِ عَبَّاسٍ قَالَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يُحْشَرُ النَّاسُ يَوْمَ الْقِيَامَةِ حُفَاةً عُرَاةً غُرْلًا كَمَا خُلِقُوا ثُمَّ قَرَأَ{ كَمَا بَدَأْنَا أَوَّلَ خَلْقٍ نُعِيدُهُ وَعْدًا عَلَيْنَا إِنَّا كُنَّا فَاعِلِينَ }وَأَوَّلُ مَنْ يُكْسَى مِنْ الْخَلَائِقِ إِبْرَاهِيمُ وَيُؤْخَذُ مِنْ أَصْحَابِي بِرِجَالٍ ذَاتَ الْيَمِينِ وَذَاتَ الشِّمَالِ فَأَقُولُ يَا رَبِّ أَصْحَابِي فَيُقَالُ إِنَّكَ لَا تَدْرِي مَا أَحْدَثُوا بَعْدَكَ إِنَّهُمْ لَمْ يَزَالُوا مُرْتَدِّينَ عَلَى أَعْقَابِهِمْ مُنْذُ فَارَقْتَهُمْ فَأَقُولُ كَمَا قَالَ الْعَبْدُ الصَّالِحُ{ إِنْ تُعَذِّبْهُمْ فَإِنَّهُمْ عِبَادُكَ وَإِنْ تَغْفِرْ لَهُمْ فَإِنَّكَ أَنْتَ الْعَزِيزُ الْحَكِيمُ }حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ بَشَّارٍ وَمُحَمَّدُ بْنُ الْمُثَنَّى قَالَا حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ جَعْفَرٍ عَنْ شُعْبَةَ عَنْ الْمُغِيرَةِ بْنِ النُّعْمَانِ بِهَذَا الْإِسْنَادِ فَذَكَرَ نَحْوَهُ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ
सानु दस्सेया है [महमुद बिन घैलन] ने सानु दस्सेया है [अबू अहमद अज़ जुबैरी] ने सानु [सुफयान] से [अल मुगीरा बिन अन नु’मान] से [सैद बिन जुबैर] से [इब्न अब्बास] से बताया है ने कहा: रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसलम ने आख्या: 'कयामत दे दिन इंसान नंगे पैर, नंगे ते इकट्ठा कीते जांगन बिना खतना कीते'। फिरी पढ़ेया: 'जिवें असीं पैहली सृष्टि दी शुरुआत कीती है, उवें ही असीं दोहरानगे।' एह् इक वादा ऐ जेह्ड़ा अस निश्चत तौर उप्पर पूरा करगे'। -अल-अनबिया`: 104- ते पैहला प्राणी जिसगी कपड़े दित्ते गे हे ओह् इब्राहिम हा ते साढ़े दोस्तें च बी ऐसे बी हे जेह्ड़े बाएं-दाएं थमां लेई गेदे हे, मैं आखेआ: हे रब्ब, मेरे दोस्त। आखया गेया: सचमुच तुस नेई जानदे के उन् ने तुंदे बाद केह़ कित्ता ऐ, जदुं तुस उनेंगी छड्डी ओड़दे ओ, तां ओह़ भ़रोसे दे रेह़। फिर मैं उवें ही आख्या जिवें धर्मी नौकर ने आख्या: 'जेकर तुसीं उन्हां नू तड़पांदे हो, तां सचमुच ओह तुहाडे सेवक हन, ते जेकर तुसीं उन्हां नू माफ करदे हो, तां सचमुच तुसीं परम ताकतवर, परम ज्ञानी हो'। -अल-मा`इदाह: 118- सानु दस्सेया है [मुहम्मद बिन बस्यार] ते [मुहम्मद बिन अल मुत्सन्ना] दोनों ने आख्या है: सानु [मुहम्मद बिन जा'फर] को [स्यूबाह] से [अल मुघीरा बिन अन नु'मान] से इस सनाद के साथ बताया है फिर उसने इस तरह दी कुछ जिक्र की। अबू ईसा ने आख्या: ए हदीस सख्त ऐ।