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इस्लाम अल-हक: कुरआन आ हदीस
(सच्चा इस्लाम)



- Allah Asma’ul husnaa Ar Rahman

हदीस :
हदीस : 1
हदीस
Ar Rahman
Imam Tirmidzi : 1830

حَدَّثَنَا ابْنُ أَبِي عُمَرَ وَسَعِيدُ بْنُ عَبْدِ الرَّحْمَنِ الْمَخْزُومِيُّ قَالَا حَدَّثَنَا سُفْيَانُ بْنُ عُيَيْنَةَ عَنْ الزُّهْرِيِّ عَنْ أَبِي سَلَمَةَ قَالَاشْتَكَى أَبُو الرَّدَّادِ اللَّيْثِيُّ فَعَادَهُ عَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ عَوْفٍ فَقَالَ خَيْرُهُمْ وَأَوْصَلُهُمْ مَا عَلِمْتُ أَبَا مُحَمَّدٍ فَقَالَ عَبْدُ الرَّحْمَنِ سَمِعْتُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَقُولُ قَالَ اللَّهُ تَبَارَكَ وَتَعَالَى أَنَا اللَّهُ وَأَنَا الرَّحْمَنُ خَلَقْتُ الرَّحِمَ وَشَقَقْتُ لَهَا مِنْ اسْمِي فَمَنْ وَصَلَهَا وَصَلْتُهُ وَمَنْ قَطَعَهَا بَتَتُّهُوَفِي الْبَاب عَنْ أَبِي سَعِيدٍ وَابْنِ أَبِي أَوْفَى وَعَامِرِ بْنِ رَبِيعَةَ وَأَبِي هُرَيْرَةَ وَجُبَيْرِ بْنِ مُطْعِمٍ قَالَ أَبُو عِيسَى حَدِيثُ سُفْيَانَ عَنْ الزُّهْرِيِّ حَدِيثٌ صَحِيحٌ وَرَوَى مَعْمَرٌ هَذَا الْحَدِيثَ عَنْ الزُّهْرِيِّ عَنْ أَبِي سَلَمَةَ عَنْ رَدَّادٍ اللَّيْثِيِّ عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ عَوْفٍ وَمَعْمَرٍ كَذَا يَقُولُ قَالَ مُحَمَّدٌ وَحَدِيثُ مَعْمَرٍ خَطَأٌ

हमनी के बतवले बाड़े [इब्न अबू उमर] अवुरी [सैद बिन अब्दुररहमान अल मखज़ूमी] दुनो कहले बाड़े, हमनी के [सुफयान बिन उयैनह] से [अज जुहरी] से [अबू सलामा] से बतवले बाड़े उ कहले बाड़े; एक बेर जब अबू अर रदाद अल लैत्सी बेमार हो गईले, त [अब्दुररहमान बिन औफ] उनुका से मिले गईले अवुरी अबू रदाद कहले कि, 'सबसे बढ़िया इंसान - जवना के हम जानतानी - अवुरी जवना के दुनो के बीच सबसे मजबूत संबंध बा, उ हवे अबू मुहम्मद'। तब अब्दुररहमान कहले; हम रसुलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के कहत सुनले बानी कि अल्लाह तबराका व तआला कहले बाड़न कि हम अल्लाह हईं, आ हम अर रहमान हईं. हम प्रेम बनवले बानी जवन हम अपना नाम से लेले बानी। त जे एकरा के जोड़ दिही, हम ओकरा के जोड़ देब, अवुरी जे एकरा के तोड़ दिही, तब हम ओकरा से आपन प्यार काट देब।" सार्थक हदीस अबू सईद, इब्न अबू औफा, अमीर बिन रबियाह, अबू हुरैरा अवुरी जुबैर बिन मुथइम से भी रिवायत भईल बा। अबू ईसा कहले कि; अज़जुहरी से सुफियान के हदीस एगो सच्चे हदीस ह। अवुरी मा'मर भी इ हदीस से रिवायत कईले बाड़े अबू सलामा से अज़ ज़ुहरी, अब्दुररहमान बिन औफ आ मा'मार से रद्दाद अल लैत्सी से आ ऊ कहले कि 'मामर के हदीस गलत बा'.

हदीस :

Imam Ahmad : 1564, 1571, 1589, 1590, 1594, 1595, 10064
Imam Abu Dawud : 1444
Imam Tirmidzi : 1830