हदीस
Nabi menafsirkan "kekuatan" dalam QS. Al-Anfal: 60 dengan kemahiran melempar, diulang tiga kali di atas mimbar
Imam Ibnu Majah : 2803حَدَّثَنَا يُونُسُ بْنُ عَبْدِ الْأَعْلَى أَنْبَأَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ وَهْبٍ أَخْبَرَنِي عَمْرُو بْنُ الْحَارِثِ عَنْ أَبِي عَلِيٍّ الْهَمْدَانِيِّ أَنَّهُ سَمِعَ عُقْبَةَ بْنَ عَامِرٍ الْجُهَنِيَّ يَقُولُسَمِعْتُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَقْرَأُ عَلَى الْمِنْبَرِ{ وَأَعِدُّوا لَهُمْ مَا اسْتَطَعْتُمْ مِنْ قُوَّةٍ }أَلَا وَإِنَّ الْقُوَّةَ الرَّمْيُ ثَلَاثَ مَرَّاتٍ
हमनी के [युनुस बिन अब्दुल अ'ला] के बतवले बाड़े; हमनी के [अब्दुल्लाह बिन वहाब] के बतवले बाड़े; हमरा [अमरू बिन अल हरिथ] के [अबू अली अल हमदानी] से रिपोर्ट कइले बाड़न कि ऊ [उकबाह बिन अमीर अल जुहानी] के सुनले बाड़न, ऊ कहले बाड़न; अल्लाह के रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के मंच पर कुरान के पवित्र आयत पढ़त सुननी जवना में कहल गइल रहे कि ‘आ रउरा ओह लोग खातिर ऊ ताकत तइयार कर लीं जवन रउरा कर सकीलें. याद रखीं, सच्चा शक्ति तीर छोड़े में होला - तीन गुना तक -'।