Hadith Representative
Turunnya QS. Al-Ahzab: 23 berkenaan dengan sahabat yang menepati tekadnya untuk berperang setelah tidak ikut Badar, lalu gugur di Uhud
Imam Tirmidzi : 3124حَدَّثَنَا أَحْمَدُ بْنُ مُحَمَّدٍ حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ الْمُبَارَكِ أَخْبَرَنَا سُلَيْمَانُ بْنُ الْمُغِيرَةِ عَنْ ثَابِتٍ عَنْ أَنَسٍ قَالَ قَالَ عَمِّي أَنَسُ بْنُ النَّضْرِ سُمِّيتُ بِهِ لَمْ يَشْهَدْ بَدْرًا مَعَ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَكَبُرَ عَلَيَّ فَقَالَ أَوَّلُ مَشْهَدٍ شَهِدَهُ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ غِبْتُ عَنْهُ أَمَا وَاللَّهِ لَئِنْ أَرَانِي اللَّهُ مَشْهَدًا مَعَ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فِيمَا بَعْدُ لَيَرَيَنَّ اللَّهُ مَا أَصْنَعُ قَالَ فَهَابَ أَنْ يَقُولَ غَيْرَهَا فَشَهِدَ مَعَ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَوْمَ أُحُدٍ مِنْ الْعَامِ الْقَابِلِ فَاسْتَقْبَلَهُ سَعْدُ بْنُ مُعَاذٍ فَقَالَ يَا أَبَا عَمْرٍو أَيْنَ قَالَ وَاهًا لِرِيحِ الْجَنَّةِ أَجِدُهَا دُونَ أُحُدٍ فَقَاتَلَ حَتَّى قُتِلَ فَوُجِدَ فِي جَسَدِهِ بِضْعٌ وَثَمَانُونَ مِنْ بَيْنِ ضَرْبَةٍ وَطَعْنَةٍ وَرَمْيَةٍ فَقَالَتْ عَمَّتِي الرُّبَيِّعُ بِنْتُ النَّضْرِ فَمَا عَرَفْتُ أَخِي إِلَّا بِبَنَانِهِ وَنَزَلَتْ هَذِهِ الْآيَةَ { رِجَالٌ صَدَقُوا مَا عَاهَدُوا اللَّهَ عَلَيْهِ فَمِنْهُمْ مَنْ قَضَى نَحْبَهُ وَمِنْهُمْ مَنْ يَنْتَظِرُ وَمَا بَدَّلُوا تَبْدِيلًا } قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ
हमरा सब के कहलक अछि [अहमद बिन मुहम्मद] हमरा सब के बता देने अछि [अब्दुल्लाह अल मुबारक] हमरा सब के [सुलेमान बिन अल मुगिराह] के [त्सबीत] स [अनस] स कहलक अछि: हमर चाचा, अनस बिन अन नडलर कहलनि: हमर नाम कहब कहियो बंद नै होइत अछि, हम रसुलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वाल सलाम के संग बदर युद्ध में भाग नै लेलौं। जे हमर मोन कसैत अछि। तखन हम मने-मन कहलियनि : हम पहिल युद्ध मे भाग नहि लेने रही जाहि मे नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सलाम भाग लेलनि? याद राखब, अल्लाह के कसम, अगर अल्लाह हमरा बाद में अल्लाह के रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि व सलाम के संग लड़ाई देखौताह त अल्लाह देखताह जे हम की करब। अनस बजलाह : ओ एकरा छोड़ि किछु कहबा मे संकोच करैत छलाह । तखन अगिला साल नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसलाम के संग उहुद के लड़ाई में भाग लेलनि। हुनका सअद बिन मुअदज अभिवादन केलनि, ओ कहलनि: हे अबू अमरू, ओ आदमी कतय अछि जे कहलक: हे जन्नत के सुगंध, हम उहुद के पाछु गंध करैत छी? ओ तुरन्त लड़ैत रहल जाबत धरि हुनकर हत्या नहि भ' गेलनि। ओकर देह पर अस्सी विषम तलवारक चोट, चाकू आ तीरक चोट छलैक । हमर मौसी अर रुबय्य' बिंट अन नडलर बजलीह : हम हुनका आँगुरक नोक छोड़ि नहि चिन्हलहुँ । तखन ई आयत प्रकट भेल: ‘मुसलमान मे एहन आदमी सेहो छथि जे अल्लाह सँ जे वादा केने छथि से पूरा करैत छथि; तेँ ओहि मे जे मारल जाइत अछि से सेहो अछि। आ ओहि मे -ओहो- -जे प्रतीक्षा करैत छथि आ -अपन प्रतिज्ञा-' मे कोनो बदलाव नहि करैत छथि | -अल अहजाब: 23- अबू ईसा कहलनि: ई हदीस हसन सहीह अछि।