Hadith Representative
Nabi melarang berangan-angan bertemu musuh, memerintahkan memohon keselamatan, dan bersabar bila sudah berhadapan
Imam Bukhari : 2744حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ مُحَمَّدٍ حَدَّثَنَا مُعَاوِيَةُ بْنُ عَمْرٍو حَدَّثَنَا أَبُو إِسْحَاقَ عَنْ مُوسَى بْنِ عُقْبَةَ عَنْ سَالِمٍ أَبِي النَّضْرِ مَوْلَى عُمَرَ بْنِ عُبَيْدِ اللَّهِ وَكَانَ كَاتِبًا لَهُ قَالَ كَتَبَ إِلَيْهِ عَبْدُ اللَّهِ بْنُ أَبِي أَوْفَى رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُمَا فَقَرَأْتُهُإِنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فِي بَعْضِ أَيَّامِهِ الَّتِي لَقِيَ فِيهَا انْتَظَرَ حَتَّى مَالَتْ الشَّمْسُ ثُمَّ قَامَ فِي النَّاسِ خَطِيبًا قَالَ أَيُّهَا النَّاسُ لَا تَتَمَنَّوْا لِقَاءَ الْعَدُوِّ وَسَلُوا اللَّهَ الْعَافِيَةَ فَإِذَا لَقِيتُمُوهُمْ فَاصْبِرُوا وَاعْلَمُوا أَنَّ الْجَنَّةَ تَحْتَ ظِلَالِ السُّيُوفِ ثُمَّ قَالَ اللَّهُمَّ مُنْزِلَ الْكِتَابِ وَمُجْرِيَ السَّحَابِ وَهَازِمَ الْأَحْزَابِ اهْزِمْهُمْ وَانْصُرْنَا عَلَيْهِمْ
हमरा सब के कहलक अछि [अब्दुल्लाह बिन मुहम्मद] हमरा सब के कहलक अछि [मुअवियाह बिन अमरू] हमरा सब के [अबू इशाक] के [मूसा बिन उकबाह] स [सलीम अबू अन-नाधर] स कहलक अछि, एकटा पूर्व गुलाम -जेकरा उमर बिन उबैदिल्लाह द्वारा मुक्त क देल गेल छल, ओ एकटा शास्त्री छल कहलक; [अब्दुल्लाह बिन अबी औफा] रदलियाल्लाहु अन्हुमा हुनका एकटा चिट्ठी लिखलनि आ फेर हम हुनका पढ़लनि जे रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ओहि दिन मे जखन ओ दुश्मनक सामना करैत छलाह तखन ओ सूर्यास्त धरि प्रतीक्षा करैत छलाह आ फेर लोकक सोझाँ प्रचार करैत ठाढ़ भ' जाइत छलाह, कहैत छलाह: 'हे लोक, दुश्मन सँ भेंट करबाक उम्मीद नहि करू मुदा अल्लाह सँ सुरक्षा मांगू।' आ जँ कोनो दुश्मनक सामना भेल अछि तँ धैर्य राखू आ ई जानि लिअ जे सचमुच जन्नत तलवारक छाया मे पड़ल अछि' । तखन ओ दुआ केलनि : 'हे अल्लाह जे किताब उतारने छथि, जे बादल के भगाबैत छथि, सहयोगी दल के नष्ट करू, ओकरा नष्ट करू आ हमरा सब के ओकर सामना करय में मदद करू'।