प्रतिनिधि हदीस
इमाम बुखारी : 6560
حَدَّثَنَا قُتَيْبَةُ بْنُ سَعِيدٍ حَدَّثَنَا حَاتِمٌ عَنْ يَزِيدَ بْنِ أَبِي عُبَيْدٍ عَنْ سَلَمَةَ بْنِ الْأَكْوَعِأَنَّهُ دَخَلَ عَلَى الْحَجَّاجِ فَقَالَ يَا ابْنَ الْأَكْوَعِ ارْتَدَدْتَ عَلَى عَقِبَيْكَ تَعَرَّبْتَ قَالَ لَا وَلَكِنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَذِنَ لِي فِي الْبَدْوِوَعَنْ يَزِيدَ بْنِ أَبِي عُبَيْدٍ قَالَ لَمَّا قُتِلَ عُثْمَانُ بْنُ عَفَّانَ خَرَجَ سَلَمَةُ بْنُ الْأَكْوَعِ إِلَى الرَّبَذَةِ وَتَزَوَّجَ هُنَاكَ امْرَأَةً وَوَلَدَتْ لَهُ أَوْلَادًا فَلَمْ يَزَلْ بِهَا حَتَّى قَبْلَ أَنْ يَمُوتَ بِلَيَالٍ فَنَزَلَ الْمَدِينَةَ
हमें [कुतैबा बिन सईद] ने बताया है कि [हातिम] ने [यज़ीद बिन अबी उबैद] से [सलमा बिन अल अकवा] तक बताया है कि वह अल हज्जाज से मिला, तो अल हज्जाज ने कहा; 'ऐ इब्न अल अकवा', क्या तुम देहात की ओर लौट गए हो? ' इब्न अल अकवा ने जवाब दिया; 'नहीं, लेकिन अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने मुझे देहात में रहने की इजाज़त दी है।' और [यज़ीद बिन अबी उबैद] ने कहा, जब उस्मान बिन अफ़्फ़ान मारा गया, तो सलमा बिन अल अकवा रबदज़ा में एकांत में चले गए और वहाँ एक औरत से शादी कर ली जब तक कि उसने कई बच्चों को जन्म नहीं दिया, और वह अपनी मौत से कुछ रात पहले तक वहीं रहे, फिर मदीना में रहने लगे।