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Turunnya QS. Al-Hujurat: 10 setelah perselisihan dua kelompok kaum Muslimin dalam peristiwa kunjungan Nabi kepada Abdullah bin Ubay
Imam Bukhari : 2494حَدَّثَنَا مُسَدَّدٌ حَدَّثَنَا مُعْتَمِرٌ قَالَ سَمِعْتُ أَبِي أَنَّ أَنَسًا رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ قَالَقِيلَ لِلنَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ لَوْ أَتَيْتَ عَبْدَ اللَّهِ بْنَ أُبَيٍّ فَانْطَلَقَ إِلَيْهِ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَرَكِبَ حِمَارًا فَانْطَلَقَ الْمُسْلِمُونَ يَمْشُونَ مَعَهُ وَهِيَ أَرْضٌ سَبِخَةٌ فَلَمَّا أَتَاهُ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَقَالَ إِلَيْكَ عَنِّي وَاللَّهِ لَقَدْ آذَانِي نَتْنُ حِمَارِكَ فَقَالَ رَجُلٌ مِنْ الْأَنْصَارِ مِنْهُمْ وَاللَّهِ لَحِمَارُ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَطْيَبُ رِيحًا مِنْكَ فَغَضِبَ لِعَبْدِ اللَّهِ رَجُلٌ مِنْ قَوْمِهِ فَشَتَمَهُ فَغَضِبَ لِكُلِّ وَاحِدٍ مِنْهُمَا أَصْحَابُهُ فَكَانَ بَيْنَهُمَا ضَرْبٌ بِالْجَرِيدِ وَالْأَيْدِي وَالنِّعَالِ فَبَلَغَنَا أَنَّهَا أُنْزِلَتْ{ وَإِنْ طَائِفَتَانِ مِنْ الْمُؤْمِنِينَ اقْتَتَلُوا فَأَصْلِحُوا بَيْنَهُمَا }
हमरा सब के कहलक अछि [मुसद्दद] हमरा सब के कहने अछि [मुअतामीर] कहलनि, हम [हमर पिता] के सुनने छी जे [अनस रदलियाहु अन्हू] कहलनि: 'नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम स कहल गेल छल जे महामहिम के अब्दुल्लाह बिन उबाय स भेंट करब नीक रहत।' त नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम हुनका गदहा पर सवार भ गेलाह जखन कि मुसलमान हुनका संग पैदल बंजर जमीन पार क गेलाह। जखन नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम हुनका सं भेंट केलनि त ओ कहलनि जे हमरा सं दूर भ जाउ, अल्लाह के लेल, अहाँक गदहा के गंध हमरा परेशान करैत अछि’। अतः हुनका सब में अंसार के कियो कहलक: 'अल्लाह के कसम, अल्लाह के रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के गदहा सचमुच अहाँक गदहा स नीक अछि'। तेँ हुनक लोक मे सँ कियो अब्दुल्लाह बिन उबैक रक्षा मे तमसा गेल आ ओ हुनकर आलोचना केलनि जाहि सँ प्रत्येक समूहक सब कियो तमसा गेल | ओहि समय दुनू समूह खजूरक पत्ता, हाथ आ चप्पल सँ एक दोसरा पर प्रहार करैत छल | तखन हमरा लोकनि केँ ई बात आयल जे क्यूएस श्लोक प्रकट भ' गेल अछि। अल हुजुरात : 10 जेकरऽ मतलब छै -'जदि मुसलमानऽ के दू समूह लड़ै छै त॑ ओकरा बीच शांति करऽ'- ।