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इस्लाम अल-हक़: क़ुरआन और हदीस
(सच्चा इस्लाम)



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हदीस खोज परिणाम :
कुल हदीस : 1
प्रतिनिधि हदीस
इमाम बुखारी : 2170

حَدَّثَنَا أَحْمَدُ بْنُ الْمِقْدَامِ حَدَّثَنَا فُضَيْلُ بْنُ سُلَيْمَانَ حَدَّثَنَا مُوسَى أَخْبَرَنَا نَافِعٌ عَنْ ابْنِ عُمَرَ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُمَا قَالَ كَانَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَقَالَ عَبْدُ الرَّزَّاقِ أَخْبَرَنَا ابْنُ جُرَيْجٍ قَالَ حَدَّثَنِي مُوسَى بْنُ عُقْبَةَ عَنْ نَافِعٍ عَنْ ابْنِ عُمَرَأَنَّ عُمَرَ بْنَ الْخَطَّابِ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُمَا أَجْلَى الْيَهُودَ وَالنَّصَارَى مِنْ أَرْضِ الْحِجَازِ وَكَانَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ لَمَّا ظَهَرَ عَلَى خَيْبَرَ أَرَادَ إِخْرَاجَ الْيَهُودِ مِنْهَا وَكَانَتْ الْأَرْضُ حِينَ ظَهَرَ عَلَيْهَا لِلَّهِ وَلِرَسُولِهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَلِلْمُسْلِمِينَ وَأَرَادَ إِخْرَاجَ الْيَهُودِ مِنْهَا فَسَأَلَتْ الْيَهُودُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ لِيُقِرَّهُمْ بِهَا أَنْ يَكْفُوا عَمَلَهَا وَلَهُمْ نِصْفُ الثَّمَرِ فَقَالَ لَهُمْ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ نُقِرُّكُمْ بِهَا عَلَى ذَلِكَ مَا شِئْنَا فَقَرُّوا بِهَا حَتَّى أَجْلَاهُمْ عُمَرُ إِلَى تَيْمَاءَ وَأَرِيحَاءَ

हमें बताया है [अहमद बिन अल मिकदम] ने हमें बताया है [फुदुइल बिन सुलेमान] ने हमें बताया है [मूसा] ने हमें बताया है [नफी'] [इब्न'उमर रदियल्लाहु अन्हुमा] ने कहा; “जब अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम”। और कहा, [अब्दुर रज्जाक] ने हमें सूचित किया है [इब्न जुराइज] ने कहा, मुझे [मूसा बिन उकबा] [नफी'] से [इब्न 'उमर] से बताया है कि 'उमर बिन अल खत्थब अल्लाह उन पर प्रसन्न हो' ने यहूदियों और ईसाइयों को हिजाज़ की भूमि से निकाल दिया। और पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने खैबर को जीतने के दौरान यहूदियों को क्षेत्र से निकालना चाहा। और जब उसने खैबर की ज़मीन पर कब्ज़ा कर लिया, तो उसने इसका इस्तेमाल अल्लाह, उसके रसूल और मुसलमानों के लिए किया और वह यहूदियों को वहाँ से निकालना चाहता था, लेकिन यहूदियों ने अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) से गुज़ारिश की कि उन्हें वहाँ रहने दिया जाए ताकि वे इसका इस्तेमाल कर सकें और उन्हें इसके आधे फलों पर हक़ होगा, तो पैगंबर (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) ने कहा: "हम तुम्हें रहने देंगे और अपनी मर्ज़ी के हिसाब से इसे मज़बूत करेंगे।" तो वे वहाँ तब तक रहे जब तक आखिर में उमर रदिअल्लाहु अन्हु ने उन्हें तैमा और अरिहा इलाकों में नहीं निकाल दिया।

समर्थक हदीस :


इमाम अहमद : 6080
इमाम बुखारी : 2170, 2919
इमाम मुस्लिम : 2899