प्रतिनिधि हदीस
इमाम अबू दाऊद : 2097
حَدَّثَنَا مُسَدَّدٌ حَدَّثَنَا عَبْدُ الْوَارِثِ عَنْ يَزِيدَ الرِّشْكِ عَنْ مُعَاذَةَ قَالَتْقُلْتُ لِعَائِشَةَ أَكَانَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَصُومُ مِنْ كُلِّ شَهْرٍ ثَلَاثَةَ أَيَّامٍ قَالَتْ نَعَمْ قُلْتُ مِنْ أَيِّ شَهْرٍ كَانَ يَصُومُ قَالَتْ مَا كَانَ يُبَالِي مِنْ أَيِّ أَيَّامِ الشَّهْرِ كَانَ يَصُومُ
हमें [मुसद्दद] ने बताया है, हमें [अब्दुल वारित्स] ने [यज़ीद अर रिसिक] से, [मुअदज़ा] से बताया है, उन्होंने कहा; मैंने [आयशा] से कहा; क्या पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम हर महीने तीन दिन उपवास करते थे? उन्होंने कहा; हाँ। मैं पूछता हूँ; वह किस महीने में उपवास करते हैं? उन्होंने कहा; उन्हें परवाह नहीं है कि वह किस महीने में उपवास करते हैं।