प्रतिनिधि हदीस
इमाम बुखारी : 1418
حَدَّثَنَا أَحْمَدُ بْنُ عِيسَى حَدَّثَنَا ابْنُ وَهْبٍ عَنْ يُونُسَ عَنْ ابْنِ شِهَابٍ أَنَّ سَالِمَ بْنَ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عُمَرَ أَخْبَرَهُ أَنَّ ابْنَ عُمَرَ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُمَا قَالَرَأَيْتُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَرْكَبُ رَاحِلَتَهُ بِذِي الْحُلَيْفَةِ ثُمَّ يُهِلُّ حَتَّى تَسْتَوِيَ بِهِ قَائِمَةً
अहमद बिन ईसा ने हमें बताया है कि इब्न वहाब ने यूनुस से इब्न शिहाब से कहा है कि सलीम बिन अब्दुल्लाह बिन उमर ने उन्हें बताया कि इब्न उमर ने कहा, "मैंने अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) को अपने घोड़े पर सवार देखा, फिर जब उनका घोड़ा सीधा खड़ा हुआ तो उन्होंने तल्बिय्या (हज्जी के इरादे की तारीफ़) की।"