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इस्लाम अल-हक़: क़ुरआन और हदीस
(सच्चा इस्लाम)



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हदीस खोज परिणाम :
कुल हदीस : 1
प्रतिनिधि हदीस
इमाम नसाई : 2677

أَخْبَرَنَا عَمْرُو بْنُ عَلِيٍّ قَالَ حَدَّثَنَا خَالِدٌ قَالَ حَدَّثَنَا شُعْبَةُ عَنْ قَتَادَةَ عَنْ مُطَرِّفٍ عَنْ عِمْرَانَأَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ جَمَعَ بَيْنَ حَجٍّ وَعُمْرَةٍ ثُمَّ لَمْ يَنْزِلْ فِيهَا كِتَابٌ وَلَمْ يَنْهَ عَنْهُمَا النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ فِيهِمَا رَجُلٌ بِرَأْيِهِ مَا شَاءَ

उन्होंने कहा, हमें [अम्र बिन अली] ने बताया है; उन्होंने कहा, हमें [खालिद] ने बताया है; उन्होंने कहा, हमें [स्यूबा] ने [क़तादा] से [मुतर्रिफ़] से [इमरान] से बताया है कि पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने हज और उमराह को मिला दिया था, फिर उसकी व्याख्या करते हुए कोई आयत नहीं आई, और पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने दोनों को मना नहीं किया, ताकि कोई व्यक्ति अपनी राय के अनुसार दोनों के बारे में जो चाहे कह सके।

समर्थक हदीस :

इमाम अहमद : 15292, 15761, 18992, 18999
इमाम मुस्लिम : 2154, 2155, 2156
इमाम नसाई : 2677