Hadith Representative
Izin nikah mut'ah pada masa awal, kemudian diharamkan selamanya
Imam Ibnu Majah : 1953حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ خَلَفٍ الْعَسْقَلَانِيُّ حَدَّثَنَا الْفِرْيَابِيُّ عَنْ أَبَانَ بْنِ أَبِي حَازِمٍ عَنْ أَبِي بَكْرِ بْنِ حَفْصٍ عَنْ ابْنِ عُمَرَ قَالَلَمَّا وَلِيَ عُمَرُ بْنُ الْخَطَّابِ خَطَبَ النَّاسَ فَقَالَ إِنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَذِنَ لَنَا فِي الْمُتْعَةِ ثَلَاثًا ثُمَّ حَرَّمَهَا وَاللَّهِ لَا أَعْلَمُ أَحَدًا يَتَمَتَّعُ وَهُوَ مُحْصَنٌ إِلَّا رَجَمْتُهُ بِالْحِجَارَةِ إِلَّا أَنْ يَأْتِيَنِي بِأَرْبَعَةٍ يَشْهَدُونَ أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ أَحَلَّهَا بَعْدَ إِذْ حَرَّمَهَا
हमरा सब के कहल गेल अछि [मुहम्मद बिन खलाफ अल अस्कलानी] कहलनि, हमरा सब के [अल फिर्याबी] के [अबन बिन अबू हाजिम] स [अबू बकर बिन हफश] स [इब्न उमर] स कहल गेल अछि ओ कहलनि, 'जखन [उमर बिन खथथब] खलीफा छलाह, त ओ भीड़ के सामने उपदेश देलनि, ओ कहलनि, 'आनदेह, रसुलुल्लाह शल्लल्लाहु।' अलैहि वसल्लम एक बेर हमरा सभकेँ तीन बेर निकाह मुतअह करबाक अनुमति देलनि, तखन मना क’ देलनि। अल्लाह के कसम हम कियो एहन के नहि जनैत छी जे पहिने स विवाहित रहैत मुतअह विवाह करैत अछि मुदा हम ओकरा पाथर स पाथर मारि दैत छलहुं। जाबे तक ओ हमरा चारि गोटे के नहि अनताह जे गवाही दैत छथि जे रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम एकरा मना करला के बाद एकरा हलाल बना देलखिन।