प्रतिनिधि हदीस
इमाम मुस्लिम : 2129
و حَدَّثَنِي مُحَمَّدُ بْنُ حَاتِمٍ حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ سَعِيدٍ عَنْ ابْنِ جُرَيْجٍ أَخْبَرَنِي أَبُو الزُّبَيْرِ عَنْ جَابِرِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُمَا قَالَ أَمَرَنَا النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ لَمَّا أَحْلَلْنَا أَنْ نُحْرِمَ إِذَا تَوَجَّهْنَا إِلَى مِنًى قَالَ فَأَهْلَلْنَا مِنْ الْأَبْطَحِ
और मुझे [मुहम्मद बिन हातिम] ने बताया है, हमें [याह्या बिन सईद] ने [इब्न जुरैज] से बताया है, मुझे [अबू जुबैर] ने [जाबिर बिन अब्दुल्लाह] से बताया है रदलिल्लाहु अन्हुमा, उन्होंने कहा; पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने हमें तहल्लुल के बाद मीना के लिए निकलते समय एहराम बांधने का आदेश दिया। तो हमने अबतह से एहराम बांधा।