प्रतिनिधि हदीस
इमाम बुखारी : 1659
حَدَّثَنَا عَلِيُّ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ عَنْ عَمْرٍو سَمِعَ عَمْرَو بْنَ أَوْسٍ أَنَّ عَبْدَ الرَّحْمَنِ بْنَ أَبِي بَكْرٍ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُمَا أَخْبَرَهُأَنَّ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَمَرَهُ أَنْ يُرْدِفَ عَائِشَةَ وَيُعْمِرَهَا مِنْ التَّنْعِيمِقَالَ سُفْيَانُ مَرَّةً سَمِعْتُ عَمْرًا كَمْ سَمِعْتُهُ مِنْ عَمْرٍو
अली बिन अब्दुल्ला ने हमें सुफ़यान को अम्र से बताया कि उसने अम्र बिन औस को बताया कि अब्दुर्रहमान बिन अबू बक्र ने उसे बताया कि पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने उसे आदेश दिया है कि वह आयशा रदियल्लाहु अन्हा की सवारी करे और उनके साथ तनीम से उमराह करे। सुफ़यान ने कहा, एक बार मैंने अम्र को कहते सुना: "आपने इसे अम्र से कितनी बार सुना है?"