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ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
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- Zakat dan Sedekah Infaq & Shadaqah Bertakwalah kepada Allah dan perhatikan amalan untuk akhirat (An-Nisa 1, Al-Hasyr 18)

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Bertakwalah kepada Allah dan perhatikan amalan untuk akhirat (An-Nisa 1, Al-Hasyr 18)
Imam Nasa'i : 2507

أَخْبَرَنَا أَزْهَرُ بْنُ جَمِيلٍ قَالَ حَدَّثَنَا خَالِدُ بْنُ الْحَارِثِ قَالَ حَدَّثَنَا شُعْبَةُ قَالَ وَذَكَرَ عَوْنَ بْنَ أَبِي جُحَيْفَةَ قَالَ سَمِعْتُ الْمُنْذِرَ بْنَ جَرِيرٍ يُحَدِّثُ عَنْ أَبِيهِ قَالَكُنَّا عِنْدَ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فِي صَدْرِ النَّهَارِ فَجَاءَ قَوْمٌ عُرَاةً حُفَاةً مُتَقَلِّدِي السُّيُوفِ عَامَّتُهُمْ مِنْ مُضَرَ بَلْ كُلُّهُمْ مِنْ مُضَرَ فَتَغَيَّرَ وَجْهُ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ لِمَا رَأَى بِهِمْ مِنْ الْفَاقَةِ فَدَخَلَ ثُمَّ خَرَجَ فَأَمَرَ بِلَالًا فَأَذَّنَ فَأَقَامَ الصَّلَاةَ فَصَلَّى ثُمَّ خَطَبَ فَقَالَ{ يَا أَيُّهَا النَّاسُ اتَّقُوا رَبَّكُمْ الَّذِي خَلَقَكُمْ مِنْ نَفْسٍ وَاحِدَةٍ وَخَلَقَ مِنْهَا زَوْجَهَا وَبَثَّ مِنْهُمَا رِجَالًا كَثِيرًا وَنِسَاءً وَاتَّقُوا اللَّهَ الَّذِي تَسَاءَلُونَ بِهِ وَالْأَرْحَامَ إِنَّ اللَّهَ كَانَ عَلَيْكُمْ رَقِيبًا }وَ{ اتَّقُوا اللَّهَ وَلْتَنْظُرْ نَفْسٌ مَا قَدَّمَتْ لِغَدٍ }تَصَدَّقَ رَجُلٌ مِنْ دِينَارِهِ مِنْ دِرْهَمِهِ مِنْ ثَوْبِهِ مِنْ صَاعِ بُرِّهِ مِنْ صَاعِ تَمْرِهِ حَتَّى قَالَ وَلَوْ بِشِقِّ تَمْرَةٍ فَجَاءَ رَجُلٌ مِنْ الْأَنْصَارِ بِصُرَّةٍ كَادَتْ كَفُّهُ تَعْجِزُ عَنْهَا بَلْ قَدْ عَجَزَتْ ثُمَّ تَتَابَعَ النَّاسُ حَتَّى رَأَيْتُ كَوْمَيْنِ مِنْ طَعَامٍ وَثِيَابٍ حَتَّى رَأَيْتُ وَجْهَ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَتَهَلَّلُ كَأَنَّهُ مُذْهَبَةٌ فَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ مَنْ سَنَّ فِي الْإِسْلَامِ سُنَّةً حَسَنَةً فَلَهُ أَجْرُهَا وَأَجْرُ مَنْ عَمِلَ بِهَا مِنْ غَيْرِ أَنْ يَنْقُصَ مِنْ أُجُورِهِمْ شَيْئًا وَمَنْ سَنَّ فِي الْإِسْلَامِ سُنَّةً سَيِّئَةً فَعَلَيْهِ وِزْرُهَا وَوِزْرُ مَنْ عَمِلَ بِهَا مِنْ غَيْرِ أَنْ يَنْقُصَ مِنْ أَوْزَارِهِمْ شَيْئًا

हमरा सभ [अजहर बिन जमील] केँ सूचित कए ओ कहलनि; हमरा सभकेँ [खालिद बिन अल हरिथ] कहलक अछि जे ओ कहलनि; हमरा सभ केँ [शु'बाह] कहि क' ओ कहलनि; -आ ओ ['आउन बिन अबू जुहैफा] के जिक्र केलनि, - कहलनि; हम सुनलहुँ [अल मुंडिर बिन जरिर] हमरा [अपन पिता] सँ कहैत छलाह जे ओ कहलनि; 'हम एक बेर दिन मे नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के संग छलहुं, तखने अचानक एकटा लोक तलवार लटका क' नंगटे पैर ल' क' आबि गेल. अधिकांश - एतय तक कि सब - मुडलर मंडली के छथि । त नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के चेहरा बदलि गेलै, कियाकि हुनका सब में देखल गेल गरीबी के कारण। तखन ओ बाहर आबि बिलाल केँ कहलखिन जे नमाजक आह्वान करू, फेर प्रार्थना करू। तखन ओ नमाज केलनि आ तकर बाद एकटा प्रवचन देलनि आ कहलनि: ‘हे लोक, अपन प्रभु सँ डरू जे अहाँ केँ एक व्यक्ति सँ बनौलनि, आ हुनका सँ अल्लाह अपन पत्नी केँ बनौलनि; आ दुनू गोटेसँ अल्लाह बहुत रास स्त्री-पुरुष उत्पन्न केलनि। आ अल्लाह सँ डरू, जिनकर नाम सँ अहाँ एक दोसरा सँ पूछैत छी, आ मित्रवत संबंध मे। सचमुच, अल्लाह सदिखन अहाँ पर नजरि रखैत छथि आ अहाँ पर नजरि रखैत छथि अनीसा: 1. हे विश्वासी लोकनि, अल्लाह सँ डरू आ सब केँ ध्यान देबय दियौक जे ओ काल्हि लेल की केने छथि अल हसीर: 18. तखन कहलनि: 'कोनो व्यक्ति अपन दिनार सँ, वा अपन दिरहम सँ, वा अपन कपड़ा सँ, वा एक शा गहूम सँ, वा एक शा खजूर सँ, जाबत धरि ओ नहि कहैत अछि; खजूर के टुकड़ा के साथ भी'। तखने अंसार मे सँ कियो एकटा गठरी ल' क' आबि गेल जे ओ अपना संग अनने छल, जेना आब ओकरा नहि ल' सकैत अछि। लोक सभ अबैत छल जाबत हम दू बोरा भोजन आ कपड़ा नहि देखलहुँ। हम नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के चेहरा सेहो सोना के चमक जकाँ खुशी स चमकैत देखलहुं। नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कहलनि जे, जे कियो इस्लाम मे नीक मिसाल कायम करैत अछि, तखन ओकरा लेल इनाम आ इनाम ओहि लोकक अछि जे एहि नीक उदाहरणक पालन करैत अछि, बिना अपन इनाम मे कनिको कमी केने। आ जे कियो इस्लाम में खराब उदाहरण दैत अछि, तखन ओकरा लेल पाप आ पाप अछि जे एहि खराब उदाहरण के पालन करैत अछि, बिना अपन पाप के कनिको कम केने'।

Hadith Corroboration :


Imam Ahmad : 18381
Imam Muslim : 1691
Imam Nasa'i : 2507