इस्लाम स्वीकार करें, यहाँ क्लिक करें
इस्लाम अल-हक़: क़ुरआन और हदीस
(सच्चा इस्लाम)



-

हदीस खोज परिणाम :
कुल हदीस : 1
प्रतिनिधि हदीस
इमाम बुखारी : 2917

حَدَّثَنَا عُثْمَانُ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ حَدَّثَنَا جَرِيرٌ عَنْ مَنْصُورٍ عَنْ أَبِي وَائِلٍ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ قَالَلَمَّا كَانَ يَوْمُ حُنَيْنٍ آثَرَ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أُنَاسًا فِي الْقِسْمَةِ فَأَعْطَى الْأَقْرَعَ بْنَ حَابِسٍ مِائَةً مِنْ الْإِبِلِ وَأَعْطَى عُيَيْنَةَ مِثْلَ ذَلِكَ وَأَعْطَى أُنَاسًا مِنْ أَشْرَافِ الْعَرَبِ فَآثَرَهُمْ يَوْمَئِذٍ فِي الْقِسْمَةِ قَالَ رَجُلٌ وَاللَّهِ إِنَّ هَذِهِ الْقِسْمَةَ مَا عُدِلَ فِيهَا وَمَا أُرِيدَ بِهَا وَجْهُ اللَّهِ فَقُلْتُ وَاللَّهِ لَأُخْبِرَنَّ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَأَتَيْتُهُ فَأَخْبَرْتُهُ فَقَالَ فَمَنْ يَعْدِلُ إِذَا لَمْ يَعْدِلْ اللَّهُ وَرَسُولُهُ رَحِمَ اللَّهُ مُوسَى قَدْ أُوذِيَ بِأَكْثَرَ مِنْ هَذَا فَصَبَرَ

हमें बताया है [उथमान बिन अबी सय्यबा] ने हमें बताया है [जरीर] ने [मंसूर] से [अबू वईल] से [अब्दुल्ला रदियल्लाहु अन्हु] ने कहा; "जब हुनैन की लड़ाई खत्म हुई, तो पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने (युद्ध की लूट के) बंटवारे में कुछ लोगों को प्राथमिकता दी, उदाहरण के लिए, उन्होंने अल अकरा बिन हबीस को सौ ऊंट दिए और उयैना को भी उतने ही ऊंट दिए, और कई अरब अधिकारियों को भी दिए ताकि उस दिन वह बंटवारे में उन्हें प्राथमिकता देते दिखे। फिर किसी ने कहा; "यह बंटवारा वास्तव में अनुचित है और इसका मकसद अल्लाह की मंजूरी लेना नहीं है। मैं कहता हूं; "अल्लाह की कसम, मैं वास्तव में पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम को बताऊंगा।" फिर मैं उनसे मिला और उन्हें इसके बारे में बताया, तो उन्होंने कहा: "अगर अल्लाह और उनके रसूल न्याय नहीं कर सकते तो कौन न्याय कर सकता है? सच में अल्लाह ने मूसा अलैहिस्सलाम को तब आशीर्वाद दिया जब उन्हें इससे ज़्यादा चोट लगी थी लेकिन उन्होंने सब्र रखा।"

समर्थक हदीस :

इमाम अहमद : 3426, 3707, 3934, 4103
इमाम बुखारी : 2917, 3153, 3990, 3991, 5599, 5635, 5817, 5861
इमाम मुस्लिम : 1759, 1760