प्रतिनिधि हदीस
इमाम मुस्लिम : 1530
و حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ وَابْنُ نُمَيْرٍ وَإِسْحَقُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ كُلُّهُمْ عَنْ ابْنِ عُيَيْنَةَ قَالَ ابْنُ نُمَيْرٍ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ عَنْ ابْنِ أَبِي نَجِيحٍ عَنْ أَبِيهِ عَنْ عُبَيْدِ بْنِ عُمَيْرٍ قَالَ قَالَتْ أُمُّ سَلَمَةَ لَمَّا مَاتَ أَبُو سَلَمَةَ قُلْتُ غَرِيبٌ وَفِي أَرْضِ غُرْبَةٍ لَأَبْكِيَنَّهُ بُكَاءً يُتَحَدَّثُ عَنْهُ فَكُنْتُ قَدْ تَهَيَّأْتُ لِلْبُكَاءِ عَلَيْهِ إِذْ أَقَبَلَتْ امْرَأَةٌ مِنْ الصَّعِيدِ تُرِيدُ أَنْ تُسْعِدَنِي فَاسْتَقْبَلَهَا رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَقَالَ أَتُرِيدِينَ أَنْ تُدْخِلِي الشَّيْطَانَ بَيْتًا أَخْرَجَهُ اللَّهُ مِنْهُ مَرَّتَيْنِ فَكَفَفْتُ عَنْ الْبُكَاءِ فَلَمْ أَبْكِ
हमें [अबू बक्र बिन अबू सय्यबा] और [इब्न नुमैर] और [इसहाक बिन इब्राहीम] ने [इब्न उयैनाह] से सब कुछ बताया है - [इब्न नुमैर] ने कहा- हमें [सुफियान] ने [इब्न अबू नजीह] से [अपने पिता] से [उबैद बिन उमैर] से बताया है उन्होंने कहा; [उम्म सलमा] ने कहा; जब अबू सलमा की मृत्यु हुई, तो मैंने कहा, "एक विदेशी, वह एक विदेशी भूमि में मर गया। मैं जितना हो सके उतना उसका शोक मनाऊंगा ताकि वह शहर में चर्चा का विषय बन जाए।" जब मैं शोक मनाने की तैयारी कर रहा था, अचानक गांव की एक महिला आई और मुझे शोक मनाने में मदद करने की पेशकश की। फिर रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम उनके पास आए और कहा: "क्या आप इस घर में एक और शैतान लाने जा रहे हैं, जिसे अल्लाह ने यहां से निकाल दिया है?"