प्रतिनिधि हदीस
इमाम बुखारी : 906
قَالَ وَأَخْبَرَنِي عَطَاءٌ أَنَّ ابْنَ عَبَّاسٍأَرْسَلَ إِلَى ابْنِ الزُّبَيْرِ فِي أَوَّلِ مَا بُويِعَ لَهُ إِنَّهُ لَمْ يَكُنْ يُؤَذَّنُ بِالصَّلَاةِ يَوْمَ الْفِطْرِ إِنَّمَا الْخُطْبَةُ بَعْدَ الصَّلَاةِ
(पिछली हदीस की तरह ही रिवायत से) रिवायत करने वाले ने कहा, मुझे ['अथा'] बताया था कि [इब्न अब्बास] ने खलीफ़ा के तौर पर अपने इंतज़ाम की शुरुआत में इब्न अज़ ज़ुबैर को बताया था कि ईद-उल-फ़ित्र की नमाज़ में (पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के समय) कोई अज़ान नहीं होता था, और नमाज़ के बाद खुत्बा होता था।