प्रतिनिधि हदीस
इमाम मुस्लिम : 1382
و حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ وَأَبُو كُرَيْبٍ جَمِيعًا عَنْ ابْنِ فُضَيْلٍ قَالَ أَبُو بَكْرٍ حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ فُضَيْلٍ عَنْ مُخْتَارِ بْنِ فُلْفُلٍ قَالَ سَأَلْتُ أَنَسَ بْنَ مَالِكٍ عَنْ التَّطَوُّعِ بَعْدَ الْعَصْرِ فَقَالَ كَانَ عُمَرُ يَضْرِبُ الْأَيْدِي عَلَى صَلَاةٍ بَعْدَ الْعَصْرِ وَكُنَّا نُصَلِّي عَلَى عَهْدِ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ رَكْعَتَيْنِ بَعْدَ غُرُوبِ الشَّمْسِ قَبْلَ صَلَاةِ الْمَغْرِبِ فَقُلْتُ لَهُ أَكَانَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ صَلَّاهُمَا قَالَ كَانَ يَرَانَا نُصَلِّيهِمَا فَلَمْ يَأْمُرْنَا وَلَمْ يَنْهَنَا
और उन्होंने हमें [अबू बक्र बिन अबू सय्यबा] और [अबू कुरैब] सब कुछ [इब्न फुदलैल] से बताया, [अबू बक्र] ने कहा, उन्होंने हमें [मुहम्मद बिन फुदलैल] [मुख्तार बिन फुलफुल] से बताया, उन्होंने कहा, मैंने [अनस बिन मलिक] से दोपहर की नमाज़ के बाद ततव्वु की नमाज़ के बारे में पूछा। तो उन्होंने जवाब दिया, "उमर अस्र के बाद नमाज़ पढ़ने पर किसी के हाथ पर मारते थे। और रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के समय में हम सूरज डूबने के बाद और मगरिब की नमाज़ से पहले दो रकात पढ़ते थे।" मैंने उनसे फिर पूछा, "क्या रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कभी ऐसा किया?" उन्होंने जवाब दिया, "उन्होंने हमें ऐसा करते देखा, लेकिन उन्होंने न तो हमें हुक्म दिया और न ही मना किया।"