हदीस
Shalat ashar memiliki pahala dua kali lipat, tanpa shalat setelahnya hingga syahid terlihat
Imam Nasa'i : 518أَخْبَرَنَا قُتَيْبَةُ قَالَ حَدَّثَنَا اللَّيْثُ عَنْ خَيْرِ بْنِ نُعَيْمٍ الْحَضْرَمِيِّ عَنْ ابْنِ هُبَيْرَةَ عَنْ أَبِي تَمِيمٍ الْجَيْشَانِيِّ عَنْ أَبِي بَصْرَةَ الْغِفَارِيِّ قَالَصَلَّى بِنَا رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ الْعَصْرَ بِالْمُخَمَّصِ قَالَ إِنَّ هَذِهِ الصَّلَاةَ عُرِضَتْ عَلَى مَنْ كَانَ قَبْلَكُمْ فَضَيَّعُوهَا وَمَنْ حَافَظَ عَلَيْهَا كَانَ لَهُ أَجْرُهُ مَرَّتَيْنِ وَلَا صَلَاةَ بَعْدَهَا حَتَّى يَطْلُعَ الشَّاهِدُ وَالشَّاهِدُ النَّجْمُ
हमनी के [कुतैबाह] के रिपोर्ट देके उ कहले कि; हमनी के [अल लैतस] से [खैर बिन नु’आइम अल हदलरामी] से [इब्न हुबैरा] से [अबू तमीम अल जैसयानी] से [अबू बसराह अल घिफारी] से बतवले बाड़े उ कहले कि; हमनी के मुखम्मश में अल्लाह के रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के संगे अस्र के नमाज कईनी, फिर उ सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कहले कि इ नमाज आपके पहिले के लोग खाती फर्ज रहे, लेकिन उ लोग एकर उपेक्षा कईले। जे एकर निगरानी करी ओकरा दुगुना इनाम मिली आ ओकरा बाद जबले तारा ना लउकी तबले कवनो प्रार्थना ना होखी'.