प्रतिनिधि हदीस
इमाम बुखारी : 4643
حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ يُوسُفَ أَخْبَرَنَا مَالِكٌ عَنْ نَافِعٍ عَنْ ابْنِ عُمَرَ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُمَاأَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ إِنَّمَا مَثَلُ صَاحِبِ الْقُرْآنِ كَمَثَلِ صَاحِبِ الْإِبِلِ الْمُعَقَّلَةِ إِنْ عَاهَدَ عَلَيْهَا أَمْسَكَهَا وَإِنْ أَطْلَقَهَا ذَهَبَتْ
हमें [अबुदुल्लाह बिन यूसुफ] ने [मलिक] ने [नफी] से [इब्न उमर] रदिअल्लाहु अन्हुमा से बताया है, कि अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा: "वास्तव में कुरान को याद करने वालों का दृष्टांत उस व्यक्ति की तरह है जिसने उतना को बांध दिया है, यदि वह हमेशा इसकी रक्षा करता है, तो वह हमेशा इसके साथ रहेगा, और यदि वह इसे छोड़ देता है, तो निश्चित रूप से गायब हो जाएगा और चला जाएगा।"