प्रतिनिधि हदीस
इमाम अबू दाऊद : 1676
حَدَّثَنَا النُّفَيْلِيُّ حَدَّثَنَا زُهَيْرٌ حَدَّثَنَا أَبُو إِسْحَقَ حَدَّثَنِي حَارِثَةُ بْنُ وَهْبٍ الْخُزَاعِيُّ وَكَانَتْ أُمُّهُ تَحْتَ عُمَرَ فَوَلَدَتْ لَهُ عُبَيْدَ اللَّهِ بْنَ عُمَرَ قَالَصَلَّيْتُ مَعَ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ بِمِنًى وَالنَّاسُ أَكْثَرُ مَا كَانُوا فَصَلَّى بِنَا رَكْعَتَيْنِ فِي حَجَّةِ الْوَدَاعِقَالَ أَبُو دَاوُد حَارِثَةُ بْنُ خُزَاعَةَ وَدَارُهُمْ بِمَكَّةَ
हमें [अन नुफैली] ने बताया है, हमें [ज़ुहैर] ने बताया है, हमें [अबू इसहाक] ने बताया है, मुझे [हरीत्सा बिन वहब अल खुज़ाई] ने बताया है और उनकी माँ उमर की पत्नी थीं, फिर उन्होंने 'उबैदुल्लाह बिन उमर' को जन्म दिया। हरीत्सा ने कहा; मैंने रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के साथ मीना में नमाज़ पढ़ी, जब बहुत सारे लोग थे, फिर उन्होंने हज वडा के दौरान दो रकअत नमाज़ पढ़ी। अबू दाऊद ने कहा: हरीत्सा बिन खुज़ाह और उनका घर मक्का में था।