हदीस
Rasulullah, abu bakar, dan umar shalat dua rakaat di mina
Imam Bukhari : 1020حَدَّثَنَا مُسَدَّدٌ قَالَ حَدَّثَنَا يَحْيَى عَنْ عُبَيْدِ اللَّهِ قَالَ أَخْبَرَنِي نَافِعٌ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عُمَرَ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُمَا قَالَصَلَّيْتُ مَعَ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ بِمِنًى رَكْعَتَيْنِ وَأَبِي بَكْرٍ وَعُمَرَ وَمَعَ عُثْمَانَ صَدْرًا مِنْ إِمَارَتِهِ ثُمَّ أَتَمَّهَا
हमनी के बतवले बाड़े [मुसद्दद] कहले बाड़े, बता देले बाड़े [याह्या] से ['उबैदुल्लाह] कहले बाड़े, हमरा के [नाफी'] से बतवले बाड़े ['अब्दुल्लाह बिन उमर रदलियाहु 'अनहुमा] से कहले बाड़े: 'हम एक बेर नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के संगे मीना शहर में दु रकाअत कईले रहनी।' ठीक ओसही जब हम अबू बकर, उमर के संगे अवुरी उस्मान के संगे भी उनुका शासन के शुरुआत में नमाज पढ़नी। हालांकि बाद में उ एकरा के सिद्ध क देले -चार रकाअत-।
हदीस :
Imam Ahmad : 3412, 3757, 3802, 3829, 4195, 4305, 4423, 4626, 4931, 4964, 5974, 6067, 12008, 12021, 12257, 13490, 17979, 17983, 18016, 19110
Imam Bukhari : 1020, 1021, 1022, 1038, 1545, 1546, 1547
Imam Muslim : 1119, 1120, 1121, 1122, 1123
Imam Abu Dawud : 1675, 1676
Imam Tirmidzi : 500, 506, 808
Imam Nasa'i : 1428, 1429, 1430, 1431, 1432, 1433, 1434
Imam Malik : 316, 800, 802
Imam Darimi : 1467, 1799, 1800