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इस्लाम अल-हक: कुरआन आ हदीस
(सच्चा इस्लाम)



- Shalat Wajib dan Sunnah Keringanan dalam masalah shalat Rasulullah memerintahkan mengqadha shalat yang terlupa ketika telah ingat

हदीस :
हदीस : 1
हदीस
Rasulullah memerintahkan mengqadha shalat yang terlupa ketika telah ingat
Imam Malik : 22

حَدَّثَنِي يَحْيَى عَنْ مَالِك عَنْ ابْنِ شِهَابٍ عَنْ سَعِيدِ بْنِ الْمُسَيَّبِأَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ حِينَ قَفَلَ مِنْ خَيْبَرَ أَسْرَى حَتَّى إِذَا كَانَ مِنْ آخِرِ اللَّيْلِ عَرَّسَ وَقَالَ لِبِلَالٍ اكْلَأْ لَنَا الصُّبْحَ وَنَامَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَأَصْحَابُهُ وَكَلَأَ بِلَالٌ مَا قُدِّرَ لَهُ ثُمَّ اسْتَنَدَ إِلَى رَاحِلَتِهِ وَهُوَ مُقَابِلُ الْفَجْرِ فَغَلَبَتْهُ عَيْنَاهُ فَلَمْ يَسْتَيْقِظْ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَلَا بِلَالٌ وَلَا أَحَدٌ مِنْ الرَّكْبِ حَتَّى ضَرَبَتْهُمْ الشَّمْسُ فَفَزِعَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَقَالَ بِلَالٌ يَا رَسُولَ اللَّهِ أَخَذَ بِنَفْسِي الَّذِي أَخَذَ بِنَفْسِكَ فَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ اقْتَادُوا فَبَعَثُوا رَوَاحِلَهُمْ وَاقْتَادُوا شَيْئًا ثُمَّ أَمَرَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ بِلَالًا فَأَقَامَ الصَّلَاةَ فَصَلَّى بِهِمْ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ الصُّبْحَ ثُمَّ قَالَ حِينَ قَضَى الصَّلَاةَ مَنْ نَسِيَ الصَّلَاةَ فَلْيُصَلِّهَا إِذَا ذَكَرَهَا فَإِنَّ اللَّهَ تَبَارَكَ وَتَعَالَى يَقُولُ فِي كِتَابِهِ{ أَقِمْ الصَّلَاةَ لِذِكْرِي }

हमरा के बतावल गइल बा कि [इब्न शिहाब] से मालिक से याह्या [सैद बिन मुसैयब] से जब रसूलुल्लाह सल्लाहु अलैहि वसल्लम खैबर पर जीत हासिल कइले रहले त रात के अंत तक चलले फिर आराम करे खातिर रुकले, फिर बिलाल से कहले; ‘हमनी के जगावे खातिर भोर में देखत रहीं’, तब रसुलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम आ उनकर साथी लोग सुत गइल, जबकि बिलाल मजबूत होके चौकस करत रहले, जब भोर होखे वाला रहे त ऊ अपना गाड़ी पर झुक गइलन, आ आखिर में नींद आ गइलन. रसूलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम, बिलाल आ बाकी साथी लोग तब तक ना जागल जब तक कि सूरज ओह लोग के ना जगवलस, रसूलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम अचरज में पड़ गइलन, आ बिलाल उनका से कहले; 'हे अल्लाह के रसूलुल्लाह, हमरा साथे कुछ भी भइल बा जइसे तोहरा साथे भइल बा,' तब रसूलुल्लाह सल्लाह अलैहि वसल्लम कहले: 'अपना पहाड़ के अगुवाई करीं', त उ लोग उठ के कुछ देर खातिर अपना माउंट के मार्गदर्शन कईले, फिर रसुलुल्लाह सल्लाह अलैहि वसल्लम बिलाल से इकामा कहे के कहले, अवुरी रसुलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के संगे सुबह के नमाज कईले ओह लोग के जब ऊ आपन नमाज खतम कइलन त कहले कि जे नमाज पढ़ल भुला जाला तब ओकरा याद आवे पर नमाज पढ़ेला. काहे कि अल्लाह ताला अपना किताब में कहले बाड़न कि ‘हमरा के याद करे खातिर नमाज स्थापित करीं. '' .

हदीस :


Imam Muslim : 1097
Imam Malik : 22