प्रतिनिधि हदीस
इमाम बुखारी : 392
حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ يُوسُفَ قَالَ أَخْبَرَنَا مَالِكٌ عَنْ هِشَامِ بْنِ عُرْوَةَ عَنْ أَبِيهِ عَنْ عَائِشَةَ أُمِّ الْمُؤْمِنِينَأَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ رَأَى فِي جِدَارِ الْقِبْلَةِ مُخَاطًا أَوْ بُصَاقًا أَوْ نُخَامَةً فَحَكَّهُ
हमें बताया गया है ['अब्दुल्ला बिन यूसुफ] ने कहा, हमें [मलिक] [हिसाम बिन 'उरवाह] से [उनके पिता] ['ऐस्या] उम्मुल मुकम्मिनिन से बताया गया है, कि अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने क़िबला की दीवार पर थूक या नाक बहता देखा, तो उन्होंने उसे रगड़ दिया।