हदीस
Makmum tidak bersujud hingga Rasulullah bersujud
Imam Tirmidzi : 259حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ بَشَّارٍ حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ مَهْدِيٍّ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ عَنْ أَبِي إِسْحَقَ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ يَزِيدَ حَدَّثَنَا الْبَرَاءُ وَهُوَ غَيْرُ كَذُوبٍ قَالَكُنَّا إِذَا صَلَّيْنَا خَلْفَ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَرَفَعَ رَأْسَهُ مِنْ الرُّكُوعِ لَمْ يَحْنِ رَجُلٌ مِنَّا ظَهْرَهُ حَتَّى يَسْجُدَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَنَسْجُدَقَالَ وَفِي الْبَاب عَنْ أَنَسٍ وَمُعَاوِيَةَ وَابْنِ مَسْعَدَةَ صَاحِبِ الْجُيُوشِ وَأَبِي هُرَيْرَةَ قَالَ أَبُو عِيسَى حَدِيثُ الْبَرَاءِ حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ وَبِهِ يَقُولُ أَهْلُ الْعِلْمِ إِنَّ مَنْ خَلْفَ الْإِمَامِ إِنَّمَا يَتْبَعُونَ الْإِمَامَ فِيمَا يَصْنَعُ لَا يَرْكَعُونَ إِلَّا بَعْدَ رُكُوعِهِ وَلَا يَرْفَعُونَ إِلَّا بَعْدَ رَفْعِهِ لَا نَعْلَمُ بَيْنَهُمْ فِي ذَلِكَ اخْتِلَافًا
हमनी के बतवले बाड़े [मुहम्मद बिन बस्स्यार] कहले बाड़े; हमनी के बतवले बाड़े [अब्दुररहमान बिन महदी] कहले बाड़े; हमनी के [सुफयान] से [अबू इशक] से [अब्दुल्लाह बिन यजीद] से बतवले बाड़े कहले बाड़े; हमनी के [अल बारा`] बतवले बाड़े अवुरी उ झूठा नईखन। ऊ कहले कि; 'अगर हमनी के रसुलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के पीछे नमाज पढ़ेनी जा आ उ झुकला से आपन माथा उठावे। त हमनी में से केहू आपन समर्थन ना कम कइलस - प्रणाम कइलस - जबले कि रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम सजदा ना कइलन, तब हमनी के भी सजदा कइनी जा। ऊ कहले कि; 'एह अध्याय में अनस, मुअवियाह, इब्न मसदाह आ अबू हुरैरा से भी रिवायत बा'। अबू ईसा कहले कि; 'अल बारा हदीस' हसन प्रामाणिक बा। ई राय वैज्ञानिक विशेषज्ञ लोग के बा, कि मकमुम पालन करेला - सब कुछ - जवन इमाम करेला, ओकरा तब तक प्रणाम ना करे के चाहीं जब तक इमाम झुक ना जाव आ जबले इमाम आपन माथा ना उठावे तबले आपन माथा ना उठावे के चाहीं। आ हमनी के कवनो विवाद भा अइसने बात ना मिलल'.