प्रतिनिधि हदीस
इमाम बुखारी : 3570
حَدَّثَنِي عُبَيْدُ اللَّهِ بْنُ سَعِيدٍ حَدَّثَنَا أَبُو أُسَامَةَ حَدَّثَنَا مِسْعَرٌ عَنْ مَعْنِ بْنِ عَبْدِ الرَّحْمَنِ قَالَ سَمِعْتُ أَبِي قَالَ سَأَلْتُ مَسْرُوقًامَنْ آذَنَ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ بِالْجِنِّ لَيْلَةَ اسْتَمَعُوا الْقُرْآنَ فَقَالَ حَدَّثَنِي أَبُوكَ يَعْنِي عَبْدَ اللَّهِ أَنَّهُ آذَنَتْ بِهِمْ شَجَرَةٌ
उबैदुल्लाह बिन सईद ने मुझे बताया है, अबू उसामा ने हमें बताया है मिसर ने माअन बिन अब्दुर्रहमान से कहा कि मैंने अपने पिता को कहते सुना; मैंने मसरूक से पूछा, "तुम्हें किसने बताया कि पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम एक जिन्न के साथ थे जो एक रात कुरान सुन रहे थे? तो उन्होंने कहा: "आपके पिता, यानी अब्दुल्ला बिन मसऊद ने कहा कि जिसने उन्हें जिन्न के अस्तित्व के बारे में बताया वह एक पेड़ था।"