हदीस
Dakwah Rasulullah kepada Jin
Imam Muslim : 684حَدَّثَنَا سَعِيدُ بْنُ مُحَمَّدٍ الْجَرْمِيُّ وَعُبَيْدُ اللَّهِ بْنُ سَعِيدٍ قَالَا حَدَّثَنَا أَبُو أُسَامَةَ عَنْ مِسْعَرٍ عَنْ مَعْنٍ قَالَ سَمِعْتُ أَبِي قَالَ سَأَلْتُ مَسْرُوقًا مَنْ آذَنَ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ بِالْجِنِّ لَيْلَةَ اسْتَمَعُوا الْقُرْآنَ فَقَالَ حَدَّثَنِي أَبُوكَ يَعْنِي ابْنَ مَسْعُودٍ أَنَّهُ آذَنَتْهُ بِهِمْ شَجَرَةٌ
हमनी के बतवले बाड़े [सैद बिन मुहम्मद अल-जर्मी] अवुरी [उबैदुल्लाह बिन सईद] दुनो कहले बाड़े, हमनी के बतवले बाड़े [अबू उसामाह] [मिस'अर] से [मा'न] से उ कहले बाड़े, हम सुनले बानी कि [हमार बाबूजी] कहतारे, 'हम [मसरुक] से पूछले रहनी, 'के बतवले -कि- नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ओह रात जिन्न के संगे रहले, जवना रात उ लोग सुनले रहले कुरान के बारे में बतावल गइल बा? ' त उ जवाब देले, 'तोहार पिता यानी [इब्नु मसूद] हमरा से बतवले कि जवन चीज़ उनुका के बतावत रहे कि नबी उनुका संगे बाड़े उ एगो पेड़ रहे - इ एगो सबूत बा कि पेड़ भी तसबीह, पेन्ट-'' करेला।