प्रतिनिधि हदीस
इमाम बुखारी : 822
حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ يُوسُفَ قَالَ أَخْبَرَنَا مَالِكٌ عَنْ يَحْيَى بْنِ سَعِيدٍ عَنْ عَمْرَةَ عَنْ عَائِشَةَ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهَا قَالَتْلَوْ أَدْرَكَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ مَا أَحْدَثَ النِّسَاءُ لَمَنَعَهُنَّ كَمَا مُنِعَتْ نِسَاءُ بَنِي إِسْرَائِيلَ قُلْتُ لِعَمْرَةَ أَوَمُنِعْنَ قَالَتْ نَعَمْ
हमें बताया गया है ['अब्दुल्ला बिन यूसुफ़] ने कहा, हमें [मलिक] [याह्या बिन सईद] से ['अमरा] से ['ऐस्या] रदिअल्लाहु अन्हा से बताया गया है, "अगर रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम को पता होता कि आजकल औरतों के साथ क्या हो रहा है, तो वह उन्हें हराम कर देते जैसे उन्होंने इस्राइल के बच्चों की औरतों को हराम किया था।" याह्या ने कहा, "मैंने 'अमरा' से पूछा, "क्या वे हराम हैं?" 'अमरा ने जवाब दिया, "हाँ।"