हदीस
Jika isteri salah seorang dari kalian meminta izin shalat di masjid, janganlah ia melarangnya
Imam Nasa'i : 699حَدَّثَنَا إِسْحَقُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ قَالَ أَنْبَأَنَا سُفْيَانُ عَنْ الزُّهْرِيِّ عَنْ سَالِمٍ عَنْ أَبِيهِ قَالَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِذَا اسْتَأْذَنَتْ امْرَأَةُ أَحَدِكُمْ إِلَى الْمَسْجِدِ فَلَا يَمْنَعْهَا
हमनी के [इशहाक बिन इब्राहिम] के जानकारी देले बा उ कहले कि; हमनी के [सुफयान] के [अज-जुहरी] से [सलीम] से [अपना पिता] से प्रचार कईले बाड़े, उ कहले; कि नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कहले कि, 'अगर रउआ में से कवनो के पत्नी मस्जिद जाए के अनुमति मांगेले त ओकरा के ना रोके'।