प्रतिनिधि हदीस
इमाम नसाई : 783
أَخْبَرَنَا زِيَادُ بْنُ أَيُّوبَ قَالَ حَدَّثَنَا إِسْمَعِيلُ قَالَ حَدَّثَنَا عَبْدُ الْعَزِيزِ عَنْ أَنَسٍ قَالَأُقِيمَتْ الصَّلَاةُ وَرَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ نَجِيٌّ لِرَجُلٍ فَمَا قَامَ إِلَى الصَّلَاةِ حَتَّى نَامَ الْقَوْمُ
हमें [ज़ियाद बिन अय्यूब] ने बताया है, उन्होंने कहा; हमें [इस्माईल] ने बताया है, उन्होंने कहा; हमें [अब्दुल अज़ीज़] ने [अनस] से बताया है, उन्होंने कहा; "जब इक़ामत पढ़ी गई, तो रसूल अल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने किसी ऐसे व्यक्ति से बात की जिसे इसकी ज़रूरत थी, इसलिए उन्होंने नमाज़ तब तक टाल दी जब तक लोग सो नहीं गए।"