हदीस
Cukup menyiram kepala tiga kali saat mandi junub tanpa melepas gelungan rambut
Imam Tirmidzi : 98حَدَّثَنَا ابْنُ أَبِي عُمَرَ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ عَنْ أَيُّوبَ بْنِ مُوسَى عَنْ سَعِيدٍ الْمَقْبُرِيِّ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ رَافِعٍ عَنْ أُمِّ سَلَمَةَ قَالَتْ قُلْتُ يَا رَسُولَ اللَّهِ إِنِّي امْرَأَةٌ أَشُدُّ ضَفْرَ رَأْسِي أَفَأَنْقُضُهُ لِغُسْلِ الْجَنَابَةِ قَالَ لَا إِنَّمَا يَكْفِيكِ أَنْ تَحْثِينَ عَلَى رَأْسِكِ ثَلَاثَ حَثَيَاتٍ مِنْ مَاءٍ ثُمَّ تُفِيضِينَ عَلَى سَائِرِ جَسَدِكِ الْمَاءَ فَتَطْهُرِينَ أَوْ قَالَ فَإِذَا أَنْتِ قَدْ تَطَهَّرْتِ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ وَالْعَمَلُ عَلَى هَذَا عِنْدَ أَهْلِ الْعِلْمِ أَنَّ الْمَرْأَةَ إِذَا اغْتَسَلَتْ مِنْ الْجَنَابَةِ فَلَمْ تَنْقُضْ شَعْرَهَا أَنَّ ذَلِكَ يُجْزِئُهَا بَعْدَ أَنْ تُفِيضَ الْمَاءَ عَلَى رَأْسِهَا
हमनी के बतवले बाड़े [इब्न अबू उमर] कहले बाड़े, हमनी के [सुफयान] से [अय्यूब बिन मूसा] से [सईद अल मकबुरी] से [अब्दुल्लाह बिन रफी'] से [उम्म सलामा] से बतवले बाड़े उ कहली; 'हे अल्लाह के रसूलुल्लाह, साँचहू हम एगो अइसन औरत हईं जे बाल के टाई - बेनी - कसत रहली, अगर जुनब के नहाएब त का ओकरा के खोलल जाव?' ऊ जवाब दिहलन: 'ना, बाकिर रउरा खातिर ई काफी बा कि रउरा माथा पर तीन बेर पानी डाल दीं, ओकरा बाद पानी के पूरा शरीर पर चलाईं तब रउरा शुद्ध होखब, भा ऊ कहले: 'तू शुद्ध हो गइल बाड़ू'. अबू ईसा कहले कि; 'ई हदीस हसन सहीह ह।' कई गो विद्वान लोग एह हदीस के पालन करेला, उ लोग कहेला कि अगर कवनो महिला जुनब के नहाए, अवुरी बाल ना खोले त ओकरा शरीर प पानी बहला के बाद इ काफी बा'।