प्रतिनिधि हदीस
इमाम मुस्लिम : 316
حَدَّثَنِي أَحْمَدُ بْنُ حَنْبَلٍ حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ جَعْفَرٍ حَدَّثَنَا شُعْبَةُ عَنْ إِسْمَعِيلَ بْنِ أَبِي خَالِدٍ عَنْ قَيْسٍ عَنْ عَمْرِو بْنِ الْعَاصِ قَالَ سَمِعْتُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ جِهَارًا غَيْرَ سِرٍّ يَقُولُ أَلَا إِنَّ آلَ أَبِي يَعْنِي فُلَانًا لَيْسُوا لِي بِأَوْلِيَاءَ إِنَّمَا وَلِيِّيَ اللَّهُ وَصَالِحُ الْمُؤْمِنِينَ
मुझे बताया है [अहमद बिन हम्बल] ने हमें बताया है [मुहम्मद बिन जाफर] ने हमें बताया है [स्यूबा] [इस्माइल बिन अबू खालिद] से [क़ैस] से [अमरू बिन अल-अश] ने कहा, "मैंने अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम को खुले तौर पर कहते सुना: 'वास्तव में मेरे पिता का परिवार, अर्थात् सी फुलान, मेरे लिए अभिभावक नहीं हैं, मेरे अभिभावक अल्लाह और ईमानदार लोग हैं।'"