इस्लाम स्वीकार करें, यहाँ क्लिक करें
ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)



- Shalat Wajib dan Sunnah Masjid dan Jama'ah Rasulullah memenuhi undangan makan kemudian mengimami shalat dua rakaat di rumah tuan rumah

Hadith Search Results :
Total Hadith : 1
Hadith Representative
Rasulullah memenuhi undangan makan kemudian mengimami shalat dua rakaat di rumah tuan rumah
Imam Tirmidzi : 217

حَدَّثَنَا إِسْحَقُ الْأَنْصَارِيُّ حَدَّثَنَا مَعْنٌ حَدَّثَنَا مَالِكُ بْنُ أَنَسٍ عَنْ إِسْحَقَ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ أَبِي طَلْحَةَ عَنْ أَنَسِ بْنِ مَالِكٍأَنَّ جَدَّتَهُ مُلَيْكَةَ دَعَتْ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ لِطَعَامٍ صَنَعَتْهُ فَأَكَلَ مِنْهُ ثُمَّ قَالَ قُومُوا فَلْنُصَلِّ بِكُمْ قَالَ أَنَسٌ فَقُمْتُ إِلَى حَصِيرٍ لَنَا قَدْ اسْوَدَّ مِنْ طُولِ مَا لُبِسَ فَنَضَحْتُهُ بِالْمَاءِ فَقَامَ عَلَيْهِ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَصَفَفْتُ عَلَيْهِ أَنَا وَالْيَتِيمُ وَرَاءَهُ وَالْعَجُوزُ مِنْ وَرَائِنَا فَصَلَّى بِنَا رَكْعَتَيْنِ ثُمَّ انْصَرَفَقَالَ أَبُو عِيسَى حَدِيثُ أَنَسٍ حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ وَالْعَمَلُ عَلَيْهِ عِنْدَ أَكْثَرِ أَهْلِ الْعِلْمِ قَالُوا إِذَا كَانَ مَعَ الْإِمَامِ رَجُلٌ وَامْرَأَةٌ قَامَ الرَّجُلُ عَنْ يَمِينِ الْإِمَامِ وَالْمَرْأَةُ خَلْفَهُمَا وَقَدْ احْتَجَّ بَعْضُ النَّاسِ بِهَذَا الْحَدِيثِ فِي إِجَازَةِ الصَّلَاةِ إِذَا كَانَ الرَّجُلُ خَلْفَ الصَّفِّ وَحْدَهُ وَقَالُوا إِنَّ الصَّبِيَّ لَمْ تَكُنْ لَهُ صَلَاةٌ وَكَأَنَّ أَنَسًا كَانَ خَلْفَ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَحْدَهُ فِي الصَّفِّ وَلَيْسَ الْأَمْرُ عَلَى مَا ذَهَبُوا إِلَيْهِ لِأَنَّ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَقَامَهُ مَعَ الْيَتِيمِ خَلْفَهُ فَلَوْلَا أَنَّ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ جَعَلَ لِلْيَتِيمِ صَلَاةً لَمَا أَقَامَ الْيَتِيمَ مَعَهُ وَلَأَقَامَهُ عَنْ يَمِينِهِ وَقَدْ رُوِيَ عَنْ مُوسَى بْنِ أَنَسٍ عَنْ أَنَسٍ أَنَّهُ صَلَّى مَعَ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَأَقَامَهُ عَنْ يَمِينِهِ وَفِي هَذَا الْحَدِيثِ دَلَالَةٌ أَنَّهُ إِنَّمَا صَلَّى تَطَوُّعًا أَرَادَ إِدْخَالَ الْبَرَكَةِ عَلَيْهِمْ

हमरा सब के कहने छथि [इशहाक अल अंसारी] कहलनि; हमरा सभकेँ कहि देने अछि [मा'न] कहलक; हमरा सब के [मलिक बिन अनस] के [इशक बिन अब्दुल्लाह बिन अबू तल्हा] स [अनस बिन मलिक] स कहने छथि जे हुनकर दादी -मुलैका- रसुलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसलम के एकटा भोज में आमंत्रित केने छलीह जे ओ पकाने छलीह | तखन भोजन क' क' कहलखिन: ठाढ़ भ' जाउ, हम सभ प्रार्थना करब'। अनस बाजल; 'तखन हम अपन चटाई पर ठाढ़ भ' गेलहुँ जे कारी छल, कारण एकर उपयोग बहुत दिन सँ भ' रहल छल।' हमहूँ पानि छिड़कि देलियैक। तकर बाद रसुलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ओहि पर ठाढ़ भ गेलाह, हम आ एकटा अनाथ बच्चा हुनका पाछू एकटा रेखा बनौने रही, जखन कि हुनका पाछू माता-पिता -दादी- रहतीह। हमरा सभक संग दू रकाआ नमाज पढ़लनि आ फेर चलि गेलाह।' अबू ईसा कहलनि; 'अनस सँ ई हदीस हसन प्रामाणिक अछि।' ई हदीस अधिकांश विद्वान सेहो करैत छथि, कहैत छथि, ‘जँ इमाम कोनो पुरुष आ महिलाक संग रहैत छथि तखन पुरुष इमामक दहिना कात ठाढ़ रहैत छथि जखन कि महिला दुनूक पाछू रहैत छथि | किछु लोक एहि हदीस सँ बहस करैत छथि जे ककरो असगर पंक्तिक पाछू नमाज करब जायज अछि । ओ सब इहो कहलनि जे छोट-छोट बच्चा सबहक नमाज नहि गिनल गेल अछि, तें जेना ओहि समय अनस नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के पाछु कतार के पाछू असगर नमाज पढ़ि रहल होथि। मुदा, ई समस्या ओतेक स्पष्ट नहि छल जतेक ओ लोकनि बुझैत छलाह, कारण ओहि समय मे नबी अनस केँ पाछू एकटा छोट बच्चाक संग एक ठाम राखि देने छलाह | अगर नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम अनाथ के नमाज के गिनती नै करितथि त निश्चित रूप स ओकरा अनस के संग नै राखि दैतथि, आ नबी निश्चित रूप स ओकरा - अनस - के अपन दाहिना कात राखि दैतथि।' मूसा बिन अनस स, अनस स इहो रिवायत अछि जे ओ एक बेर नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम क संग नमाज पढ़ने छलाह, फेर हुनका अपन दाहिना कात राखि देलथि। एहि हदीस मे प्रमाण अछि जे ओ हुनका सब के संग सुन्नत के नमाज एहि आशा मे केने छलाह जे हुनका सब के बरकत भेटतनि।

Hadith Corroboration :

Imam Ahmad : 11890, 12049, 12219, 12448, 13022
Imam Bukhari : 685, 813, 824
Imam Muslim : 1053
Imam Tirmidzi : 217
Imam Nasa'i : 792
Imam Malik : 326
Imam Darimi : 1256