प्रतिनिधि हदीस
इमाम बुखारी : 659
حَدَّثَنَا مُسْلِمُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ قَالَ حَدَّثَنَا شُعْبَةُ عَنْ عَمْرٍو عَنْ جَابِرِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِأَنَّ مُعَاذَ بْنَ جَبَلٍ كَانَ يُصَلِّي مَعَ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ ثُمَّ يَرْجِعُ فَيَؤُمُّ قَوْمَهُ
हमें [मुस्लिम बिन इब्राहीम] ने बताया है, हमें [स्यूबा] को [अमरू] से [जाबिर बिन अब्दुल्ला] ने बताया है कि मुअज़्ज़ बिन जबल ने एक बार पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के साथ नमाज़ पढ़ी, फिर वह घर लौट आए और अपने लोगों की नमाज़ पढ़ाई।