प्रतिनिधि हदीस
इमाम बुखारी : 653
حَدَّثَنَا الْفَضْلُ بْنُ سَهْلٍ قَالَ حَدَّثَنَا الْحَسَنُ بْنُ مُوسَى الْأَشْيَبُ قَالَ حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ دِينَارٍ عَنْ زَيْدِ بْنِ أَسْلَمَ عَنْ عَطَاءِ بْنِ يَسَارٍ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَأَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ يُصَلُّونَ لَكُمْ فَإِنْ أَصَابُوا فَلَكُمْ وَإِنْ أَخْطَئُوا فَلَكُمْ وَعَلَيْهِمْ
हमें बताया गया है [अल फदल बिन सहल] ने कहा, हमें बताया गया है [अल हसन बिन मूसा अल अस्याब] ने कहा, हमें बताया गया है ['अब्दुर्रहमान बिन' अब्दुल्लाह बिन दिनार] [ज़ैद बिन असलम] से ['अथा बिन यासर] से [अबू हुरैरा], कि अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा: "नमाज़ के इमाम तुम्हें रास्ता दिखाते हैं। इसलिए अगर वह सही हैं, तो उन्हें पुरस्कृत किया जाएगा और आपको भी उनके पुरस्कार का हिस्सा मिलेगा। लेकिन अगर वे गलत हैं, तो भी आपको पुरस्कार मिलेगा और उन्हें पाप मिलेगा।"